भागलपुर के घंटाघर रोड से जैसे ही यातायात विभाग की टीम ने अतिक्रमण हटाना शुरू किया, एक दुकानदार को दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद दुकानदारों और मृतक के परिजनों ने हंगामा किया। उन्होंने अधिकारियों से 10 लाख रुपये मुआवजा और एक सरकारी नौकरी की मांग की। स्टांप पेपर पर अपनी मांगों को लिखने के बाद ही भीड़ शांत हुई।
भागलपुर के घंटाघर रोड पर अतिक्रमण हटाने के दौरान एक दुकानदार की मौत हो गई, जिसके बाद अन्य दुकानदारों ने हंगामा किया। मृतक के परिजनों ने अन्य दुकानदारों के साथ मिलकर सड़क पर आगजनी की।
अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम।
शनिवार की सुबह यातायात डीएसपी आशीष कुमार सिंह के नेतृत्व में यातायात विभाग की टीम अवैध दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने घंटाघर चौक पर पहुंची। इस कार्रवाई के दौरान फल विक्रेता 55 वर्षीय महेंद्र साह की मौत हो गई। महेंद्र की मौत के बाद घंटाघर चौक पर काफी बवाल मच गया।
मृतक के परिजनों ने हंगामा किया।
मृतक के परिजनों व अन्य दुकानदारों ने सड़क जाम कर दिया, इस दौरान उन्होंने आगजनी भी की। इससे काफी बवाल हुआ। मृतक के परिजन शव को सड़क किनारे ठेले पर रखकर बैठ गए। मृतक की पत्नी ने ट्रैफिक डीएसपी पर आरोप लगाए। मृतक की पत्नी कमला देवी ने आरोप लगाया कि ट्रैफिक डीएसपी ने उसके पति को पीटा और डांटा। उन्होंने आगे कहा कि अतिक्रमण हटाने में शामिल पुलिस ने दुकानदारों पर लाठियां चलाईं।
स्थानीय दुकानदारों ने आरोप लगाया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान महेंद्र साह को दिल का दौरा पड़ा और वह बेहोश हो गए। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में उनकी मौत हो गई।
दुकानदारों ने बताया कि पुलिस ने उनके साथ गाली-गलौज की। घटना की सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। नगर विधायक अजीत शर्मा व सदर एसडीएम धनंजय कुमार ने मौके पर पहुंचकर मृतक के परिजनों से बातचीत करने का प्रयास किया। 10 लाख रुपये व सरकारी नौकरी की मांग।
मृतक के परिजन और दुकानदार 10 लाख रुपये और सरकारी नौकरी की मांग पर अड़े हुए हैं। घटना के डेढ़ घंटे बाद फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और सड़क पर लगी आग बुझाई। घटना के बाद यातायात जाम हो गया। स्टांप पेपर पर मांगें दर्ज होने के बाद भीड़ को हटाया जा सका। स्टांप पर मांगें लिखी गईं।
वाहनों को दूसरी दिशा में मोड़ा गया। कचहरी चौक से घंटाघर की ओर आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से मोड़ा गया। सदर अस्पताल के पास से घंटाघर की ओर जाने वाली सड़क भी बाधित होने से कई लोगों को पैदल चलना पड़ा, जिससे काफी असुविधा हुई। महेंद्र शाह को पहले भी दिल का दौरा पड़ चुका था। 55 वर्षीय महेंद्र कई वर्षों से घंटाघर में सड़क किनारे फल की दुकान चलाते थे। निवासियों ने बताया कि उन्हें पहले भी दिल का दौरा पड़ चुका था। स्थानीय लोगों ने बताया कि महेंद्र कई दिनों से बीमार थे।
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