बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसे सुनकर हर माता-पिता डर जाएंगे। यहां एक बेटे ने अपने ही माता-पिता पर चाकू से हमला कर दिया। जिसमें मां की मौत हो गई और पिता आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। इसके पीछे वजह यह है कि माता-पिता उसे मोबाइल इस्तेमाल करने से मना करते थे और बस इसी बात पर वह इतना गुस्सा हो गया। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी कुछ दिन पहले ही NEET की कोचिंग से लौटा था।
पूरा मामला बालाघाट जिले के वारासिवनी थाने का है
दरअसल, यह घटना बालाघाट जिले के वारासिवनी थाने के सिकंदरा ग्राम पंचायत की है। जहां सत्यम कटरे नाम के 20 वर्षीय लड़के ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। आरोपी अपने माता-पिता किशोर कटरे और प्रतिभा कटरे की इकलौती संतान है। दोनों सरकारी शिक्षक हैं। सोमवार की रात सत्यम ने अपने माता-पिता पर लोहे की रॉड से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद उसने खुद ही अपने रिश्तेदारों और पुलिस को फोन करके बताया कि उसने अपने माता-पिता की हत्या कर दी है। आनन-फानन में आस-पड़ोस के लोग घर पहुंचे और उन्हें महाराष्ट्र के गोंदिया स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां मंगलवार रात करीब 7 बजे मां की मौत हो गई। पिता की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
कोटा से NEET की तैयारी करके आया था
मामले की जानकारी देते हुए वारेसोनी के पुलिस अनुविभागीय अधिकारी अभिषेक चौधरी ने बताया कि आरोपी सत्यम दिन-रात मोबाइल फोन का इस्तेमाल करता था। जब उसके माता-पिता उसे रोकते थे तो वह उनसे झगड़ा करता था। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी सत्यम का पूरा परिवार पढ़ा-लिखा है। वह ऐसा कैसे हो गया, यह सोचने वाली बात है। उसके माता-पिता चाहते थे कि वह अच्छी पढ़ाई करे और कुछ अच्छा करे। इसलिए उसे नीट की तैयारी करने के लिए कोटा भेजा था, लेकिन वह चार महीने बाद वापस आ गया।
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