केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच चल रही चर्चाओं के बीच 8th Central Pay Commission (8th CPC) को लेकर सरकार की ओर से न तो Pay Commission गठन पर कोई बयान आया है और न ही पेंशन संशोधन से जुड़ी कोई घोषणा।सरकारी सूत्रों के अनुसार 8th CPC की फाइल फिलहाल Cabinet Secretariat में है, लेकिन कैबिनेट एजेंडा में इस पर किसी प्रकार की आधिकारिक एंट्री अब तक शामिल नहीं हुई है।
Committee of Secretaries की रिपोर्ट जमा, फाइनल मंजूरी लंबित
सूत्र बताते हैं कि Committee of Secretaries (CoS) ने 2025 के मध्य में वेतन और पेंशन संशोधन से जुड़ी अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी।
हालांकि रिपोर्ट को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कैबिनेट स्वीकृति अभी तक नहीं मिली है।वित्त मंत्रालय की ओर से यह संकेत मिला है कि सरकार हर 10 साल में नया Pay Commission लाने के पारंपरिक मॉडल के बजाय एक Inflation-Indexed Revision System पर भी विचार कर रही है, जिसमें वेतन और पेंशन महंगाई के अनुसार समय-समय पर स्वतः संशोधित हो सकें।
इस पर आंतरिक समीक्षा प्रक्रिया जारी है।
Pensioners की ओर से दबाव बढ़ा
देशभर के पेंशनर्स संगठनों ने 2025 के अंतिम तिमाही में सरकार को कई ज्ञापन सौंपे हैं।
उनकी प्रमुख मांगें:
- पेंशन में न्यूनतम 20–25% संशोधन
- DA को पेंशन में मर्ज करने का प्रस्ताव
- संशोधित पेंशन 1 जनवरी 2026 से लागू करने की मांग
सोशल मीडिया पर चल रही 8th CPC लागू हो गया वाली खबरें फर्जी
बीते कुछ हफ्तों में कई सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया कि सरकार ने 8th CPC को मंजूरी दे दी है।सरकार की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक पत्र, प्रेस रिलीज़ या गजट अधिसूचना जारी नहीं हुई है।अधिकारी बताते हैं कि वेतन और पेंशन संशोधन पर अंतिम फैसला 2026 के केंद्रीय बजट से पहले आने की संभावना है।हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी कोई पुष्टि फिलहाल नहीं की गई है।





