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RBI का बड़ा एक्शन: 135 NBFC कंपनियों का लाइसेंस रद्द, 13 ने खुद लौटाया रजिस्ट्रेशन

On: June 12, 2026 11:17 AM
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RBI (भारतीय रिजर्व बैंक ) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 135 कंपनियों के Certificate of Registration (CoR) रद्द कर दिए हैं। इसके अलावा 13 NBFC कंपनियों ने स्वेच्छा से अपना रजिस्ट्रेशन वापस कर दिया है।RBI के अनुसार, जिन कंपनियों का लाइसेंस रद्द किया गया है, वे अब Non-Banking Financial Institution (NBFI) के रूप में कोई भी वित्तीय गतिविधि नहीं चला सकेंगी।

किन राज्यों की सबसे ज्यादा कंपनियां प्रभावित हुईं?

RBI की अधिसूचना के अनुसार:

राज्यप्रभावित NBFC कंपनियां
पश्चिम बंगाल125
महाराष्ट्र4
दिल्ली2
मध्य प्रदेश1
मणिपुर1
तमिलनाडु1
तेलंगाना1

सबसे अधिक कार्रवाई पश्चिम बंगाल की कंपनियों पर हुई है।

RBI ने क्यों रद्द किए लाइसेंस?

RBI ने कहा कि ये कार्रवाई RBI Act, 1934 की धारा 45-IA(6) के तहत की गई है। मुख्य कारणों में शामिल हैं:

  • नियामकीय नियमों का पालन न करना।
  • लाइसेंस जारी करने की शर्तों का उल्लंघन।
  • NBFC गतिविधियां बंद कर देना।
  • आवश्यक संचालन मानकों को पूरा न करना।

हालांकि केंद्रीय बैंक ने प्रत्येक कंपनी के खिलाफ अलग-अलग कारण सार्वजनिक नहीं किए हैं।

किन प्रमुख कंपनियों का लाइसेंस रद्द हुआ?

रद्द की गई कंपनियों में कई राज्यों की संस्थाएं शामिल हैं। इनमें प्रमुख नाम हैं:

राज्यकंपनी का नाम
महाराष्ट्रEssel Finance Business Loans Ltd
महाराष्ट्रToplight Tradelink Pvt Ltd
महाराष्ट्रEsenpro Finance and Investment Pvt Ltd
दिल्लीGunjan Distributors Pvt Ltd
दिल्लीLiberson Commodities (P) Ltd
तेलंगानाCitiwide Financial Services Ltd
मध्य प्रदेशKiranglobal Business Investment Ltd
मणिपुरUppal Credits and Investments Pvt Ltd

13 कंपनियों ने खुद लौटाया लाइसेंस

RBI के मुताबिक 13 कंपनियों ने स्वेच्छा से अपना CoR सरेंडर किया। इसके पीछे अलग-अलग कारण रहे:

  • NBFC कारोबार से बाहर निकलना।
  • विलय (Merger) या अमलगमेशन के बाद कानूनी अस्तित्व समाप्त होना।
  • स्वैच्छिक स्ट्राइक-ऑफ।
  • Unregistered Core Investment Company (CIC) की श्रेणी में आना, जहां RBI लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती।

इन कंपनियों में शामिल हैं:

  • J Thomas Finance Pvt Ltd
  • Hitesha Finance and Investment Ltd
  • Impact Leasing Pvt Ltd
  • Ivory Consultants Pvt Ltd
  • Trishita Management Ltd
  • Forerunner Capital Investments Ltd

पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है RBI की निगरानी

बीते कुछ वर्षों से RBI लगातार NBFC सेक्टर की निगरानी को मजबूत कर रहा है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि केवल वही संस्थाएं वित्तीय क्षेत्र में बनी रह सकती हैं जो:

  • Prudential norms का पालन करें।
  • मजबूत Governance standards अपनाएं।
  • परिचालन और नियामकीय आवश्यकताओं को लगातार पूरा करें।

RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी अदालत या अपीलीय मंच से मिली राहत का मतलब यह नहीं है कि कंपनियां RBI के नियमों से मुक्त हो जाती हैं।

इसका ग्राहकों पर क्या असर होगा?

विशेषज्ञों के अनुसार, जिन कंपनियों का लाइसेंस रद्द हुआ है, वे अब नई NBFC सेवाएं नहीं दे पाएंगी। यदि किसी ग्राहक का इन कंपनियों से संबंध है, तो उसे कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक सूचना और RBI के निर्देशों पर नजर रखनी चाहिए। RBI का यह कदम संकेत देता है कि वित्तीय क्षेत्र में अब केवल वही संस्थाएं टिक पाएंगी जो पारदर्शिता, अनुपालन और नियामकीय मानकों का पालन करेंगी। केंद्रीय बैंक लगातार NBFC सेक्टर को अधिक सुरक्षित और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

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Mission Aditya

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