Assam News: असम सरकार ने Karbi Anglong और West Karbi Anglong जिलों में हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद लगाए गए मोबाइल इंटरनेट बैन को रविवार को हटा लिया। सरकार का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति अब नियंत्रण में है और सामान्य स्थिति बहाल हो चुकी है। इसके साथ ही सभी मोबाइल सेवा प्रदाताओं को 28 दिसंबर की सुबह 8 बजे से इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाएं बहाल करने का निर्देश जारी किया गया है।यह प्रतिबंध 23 दिसंबर को उस वक्त लगाया गया था, जब Karbi Anglong के हिल डिस्ट्रिक्ट में Village Grazing Reserve (VGR) और Professional Grazing Reserve (PGR) भूमि से कथित अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया था।
किस कानून के तहत लगाया गया था इंटरनेट बैन
असम सरकार ने हिंसा के बाद Indian Telegraph Act, 1885 की धारा 5(2) और Temporary Suspension of Telecom Services (Public Emergency or Public Safety) Rules, 2017 के तहत मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित किया था। प्रशासन का तर्क था कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए अफवाहों को फैलने से रोकने और स्थिति को काबू में रखने के लिए यह कदम जरूरी था।गृह एवं राजनीतिक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया कि क्षेत्र में हालात बेहतर होने के बाद यह प्रतिबंध हटाया जा रहा है।
भड़की हिंसा
हिंसा की शुरुआत West Karbi Anglong जिले के Dongkamukam क्षेत्र में हुई, जो Kheroni के पास स्थित है। VGR और PGR भूमि से अवैध कब्जे हटाने की मांग को लेकर बैठे प्रदर्शनकारियों का गुस्सा उस समय उग्र हो गया, जब उन्होंने Karbi Anglong Autonomous Council (KAAC) के Chief Executive Member (CEM) के आवास को आग के हवाले कर दिया।इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए ब्लैंक फायरिंग करनी पड़ी।
173 सुरक्षाकर्मी घायल
इस हिंसा में असम पुलिस और CRPF के कुल 173 जवान घायल हुए। असम पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि:139 सुरक्षाकर्मियों को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया 33 जवानों को गंभीर चोटों के कारण विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गयापुलिस के अनुसार, यह घटनाएं 22 और 23 दिसंबर को Kheroni थाना क्षेत्र में हुईं।
मुख्यमंत्री की Karbi संगठनों से अहम बैठक
हिंसा के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने Guwahati स्थित Lok Sewa Bhawan में Karbi समुदाय के विभिन्न संगठनों, Karbi civil society और KAAC के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की।बैठक में West Karbi Anglong के Kheroni क्षेत्र में हुई हिंसा और VGR-PGR भूमि विवाद पर विस्तार से चर्चा की गई।

हाईकोर्ट में जाएगा मामला, जनवरी में हलफनामा
मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि VGR और PGR भूमि से जुड़ा मामला फिलहाल गौहाटी हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के समक्ष लंबित है। Karbi Anglong Autonomous Council जनवरी के पहले सप्ताह में इस मामले में अपना हलफनामा (Affidavit) दाखिल करेगी।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि Karbi civil society भी इस केस में एक पक्ष के तौर पर अपना पक्ष अदालत के सामने रखेगी। राज्य सरकार अदालत से इस मामले की त्वरित सुनवाई और शीघ्र निर्णय की अपील करेगी।कोर्ट के फैसले के बाद सरकार कानून के दायरे में रहकर आवश्यक कार्रवाई करेगी,” मुख्यमंत्री ने कहा।
VGR-PGR भूमि पर स्थित सरकारी दफ्तर होंगे शिफ्ट
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी ऐलान किया कि Kheroni क्षेत्र में VGR और PGR भूमि पर स्थित सभी सरकारी कार्यालयों को जल्द से जल्द वैकल्पिक स्थानों पर स्थानांतरित किया जाएगा।इसके साथ ही KAAC को निर्देश दिया गया है कि VGR-PGR भूमि पर संचालित सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल रद्द किए जाएं।
जमीन विवाद बना तनाव की जड़
Karbi Anglong में VGR और PGR भूमि लंबे समय से विवाद का विषय रही है। Karbi संगठनों का आरोप है कि इन संरक्षित चारागाहों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हुआ है, जिससे स्थानीय समुदाय के अधिकार और आजीविका प्रभावित हो रही है।वहीं प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की कार्रवाई अदालत के आदेश और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जाएगी।मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बहाल होने से जहां आम लोगों को राहत मिली है, वहीं यह घटना एक बार फिर असम के पहाड़ी जिलों में जमीन, पहचान और प्रशासनिक फैसलों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को सामने ले आई है।अब सबकी निगाहें गौहाटी हाईकोर्ट की सुनवाई और राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। Karbi Anglong में शांति बहाल करना फिलहाल प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।




