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शराबबंदी पर जीरो टॉलरेंस: कई जिलों में छापेमारी, भारी मात्रा में शराब जब्त

On: February 28, 2026 6:48 PM
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पटना/मुजफ्फरपुर/मसौढ़ी: बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर सख्ती देखने को मिल रही है। राज्य के कई जिलों में पुलिस और उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू की है। खासकर मुजफ्फरपुर से मसौढ़ी तक हुई छापेमारी से शराब तस्करों और कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।



कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

सूत्रों के मुताबिक, पुलिस और उत्पाद विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि कुछ इलाकों में अवैध रूप से शराब का भंडारण और बिक्री की जा रही है। इसी इनपुट के आधार पर देर रात से लेकर सुबह तक अलग-अलग टीमों ने कई स्थानों पर दबिश दी।

मुजफ्फरपुर, पटना और मसौढ़ी इलाके में चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान संदिग्ध गोदामों, घरों और सुनसान जगहों पर छापेमारी की गई। कई जगहों से भारी मात्रा में शराब की खेप बरामद होने की खबर है। साथ ही कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।



शराबबंदी कानून के तहत सख्त कार्रवाई

बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद समय-समय पर अवैध शराब की तस्करी और बिक्री की खबरें सामने आती रही हैं। राज्य सरकार और प्रशासन का दावा है कि कानून को प्रभावी बनाने के लिए लगातार निगरानी और विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई शराब की जांच की जा रही है। जिन लोगों की संलिप्तता पाई जाएगी, उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।



ग्रामीण इलाकों में भी बढ़ी सतर्कता

इस बार की कार्रवाई की खास बात यह रही कि केवल शहरी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक स्तर पर तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस ने कई गांवों में घर-घर जांच की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक हुई इस कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों को परेशान करने का कोई उद्देश्य नहीं है, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है।




पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब के निर्माण, भंडारण या बिक्री की सूचना मिले तो तुरंत स्थानीय थाना या उत्पाद विभाग को जानकारी दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि अवैध कारोबार में शामिल पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें गिरफ्तारी, जुर्माना और अन्य दंडात्मक प्रावधान शामिल हो सकते हैं।


हाल के दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों से शराब तस्करी की गतिविधियों में बढ़ोतरी की सूचना मिल रही थी। इसके बाद विभागीय स्तर पर समीक्षा बैठक कर विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।

जानकारों का मानना है कि त्योहारों या विशेष अवसरों से पहले अक्सर इस तरह की गतिविधियां बढ़ जाती हैं, इसलिए प्रशासन पहले से ही सतर्कता बरत रहा है।




बिहार में शराबबंदी को लेकर सरकार का रुख पहले से ही सख्त रहा है। समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर पुलिस और उत्पाद विभाग अवैध नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश करते रहे हैं।

अधिकारियों का कहना है कि यह केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आगे भी लगातार छापेमारी और जांच जारी रहेगी। इससे अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।


कुछ स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया है। उनका कहना है कि शराबबंदी के बाद भी अवैध बिक्री से सामाजिक माहौल प्रभावित होता है। ऐसे में नियमित कार्रवाई जरूरी है।

वहीं कुछ लोगों का मानना है कि कानून का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाए जाने चाहिए, ताकि लोग अवैध गतिविधियों से दूर रहें।


प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जब्त की गई शराब की मात्रा और प्रकार की विस्तृत जानकारी जांच पूरी होने के बाद सार्वजनिक की जाएगी। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।

संभावना है कि आने वाले दिनों में राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तरह के विशेष अभियान चलाए जा सकते हैं।



मुजफ्फरपुर से मसौढ़ी तक चली इस ताबड़तोड़ छापेमारी ने साफ कर दिया है कि प्रशासन शराबबंदी कानून को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है। अवैध शराब कारोबार पर लगाम कसने के लिए पुलिस और उत्पाद विभाग लगातार सक्रिय हैं।

आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए अधिकारियों ने कहा है कि कानून का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है।

राज्य में आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहने की संभावना है, जिससे अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण पाया जा सके।

KhabarX Desk

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