खेल मोबाइल & गैजेट्स टेक मनोरंजन दुनिया

चीन में 3.6 करोड़ की विरासत पर झगड़ा: कोर्ट में खुलासा — भाई-बहन दोनों ही गोद लिए हुए निकले

On: August 2, 2025 9:23 PM
Follow Us:

तिआंजिन, चीन

चीन के तिआंजिन शहर में एक भाई-बहन के बीच 3.6 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद ने उस वक्त नया मोड़ ले लिया जब कोर्ट में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि दोनों ही व्यक्ति अपने माता-पिता की जैविक संतान नहीं हैं, बल्कि उन्हें गोद लिया गया था।

पिता की वसीयत और विवाद की शुरुआत

पिता ‘सन’ का मार्च में निधन हो गया था। उन्होंने अपने बेटे के नाम घर छोड़ा और कहा था कि उनकी दत्तक बेटी को उचित मुआवज़ा दिया जाए। वसीयत में उन्होंने लिखा:

“हमारी बेटी गोद ली गई है, लेकिन हमने उसे हमेशा अपने बच्चे की तरह पाला। हमारे बुढ़ापे में हमारे बेटे ने हमारी सेवा की, इसलिए घर उसे दिया गया है। हम चाहते हैं कि तुम दोनों सगे भाई-बहन की तरह साथ रहो।”

बेटी को 1966 में गोद लिया गया था, जबकि बेटे का जन्म 1973 में हुआ और दोनों साथ बड़े हुए।

बहन ने कोर्ट में चुनौती दी

बहन ने दावा किया कि सिर्फ पिता ने दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए थे, जबकि मां की संपत्ति पर भी उसका हक़ बनता है। उसने कहा:

“मेरे माता-पिता ने यह घर मुझे दिया था। कोई मुझसे इसे नहीं छीन सकता।”

मुकदमे के दौरान यह खुलासा हुआ कि बेटा भी गोद लिया गया था। यह जानकारी सामने आने पर भाई कोर्ट में रो पड़ा।

कोर्ट का फैसला और समझौता

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गोद लिए हुए बच्चों को भी कानून के तहत पूर्ण उत्तराधिकार अधिकार प्राप्त हैं। हालांकि, चूंकि संपत्ति पहले ही 2007 में कानूनी रूप से बेटे के नाम कर दी गई थी और उसका नोटरीकरण भी हो चुका था, इसलिए इसे ‘विरासत’ की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

तीन घंटे की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि बेटा घर रखेगा और बहन को 5.5 लाख युआन (लगभग ₹66 लाख) मुआवज़े के तौर पर देगा।

पारंपरिक सोच बनाम आधुनिक कानून

हालांकि चीन में अब बेटियों को भी बराबरी का अधिकार है, लेकिन पारंपरिक मान्यताओं में अब भी पुरुषों को संपत्ति में प्राथमिकता दी जाती है। यही कारण है कि ऐसे मामलों में बेटियों को अक्सर हाशिए पर रखा जाता है।

यह मामला केवल संपत्ति विवाद का नहीं है, यह पहचान, रिश्तों और परंपराओं की जटिलताओं को उजागर करता है। एक समाज के रूप में हमें यह समझने की जरूरत है कि खून के रिश्ते से भी कहीं ज़्यादा मजबूत होते हैं साथ बिताए हुए साल।

KhabarX Desk

सूत्रों, दस्तावेज़ों और जमीनी रिपोर्ट्स के आधार पर तथ्य सामने लाने वाली KhabarX टीम। हम निष्पक्ष पत्रकारिता, डेटा-आधारित रिपोर्टिंग और सत्य के पक्ष में खड़े हैं। तथ्यों को बिना रंग-रोगन के, जैसे हैं—वैसे ही पाठकों तक पहुँचाना हमारा ध्येय है।

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment