JDU – भागलपुर जिले के शाहकुंड प्रखंड में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के संगठनात्मक चुनाव के दौरान भारी विवाद खड़ा हो गया है। प्रखंड अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर शिवशंकरपुर सभा भवन में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा एक उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया और बाद में विनय कुमार सिंह को प्रखंड अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद पार्टी के अंदर असंतोष खुलकर सामने आ गया है और कार्यकर्ताओं के बीच गुटबाजी की चर्चा तेज हो गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाहकुंड प्रखंड अध्यक्ष पद के लिए कुल आठ लोगों ने नामांकन दाखिल किया था। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जांच के दौरान एक उम्मीदवार का नामांकन यह कहते हुए रद्द कर दिया गया कि उनके ऊपर आपराधिक मामला दर्ज है और वे पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। निर्वाचन पदाधिकारी के इस फैसले के बाद वहां मौजूद कई कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नामांकन रद्द करने की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं की गई और बिना पर्याप्त जांच के एकतरफा फैसला लिया गया। जैसे ही यह घोषणा की गई कि संबंधित उम्मीदवार का नामांकन रद्द कर दिया गया है, सभा भवन में मौजूद समर्थकों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया और कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित हो गया।
स्थिति तब और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई जब बिना मतदान कराए ही विनय कुमार सिंह को शाहकुंड प्रखंड का अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब आठ उम्मीदवारों ने नामांकन किया था तो चुनाव कराना चाहिए था, लेकिन अचानक एक नामांकन रद्द कर सीधे अध्यक्ष घोषित कर देना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है।
विवाद बढ़ने के बाद नाराज कार्यकर्ताओं ने इस मामले की लिखित शिकायत भागलपुर जिला स्तर पर की है। साथ ही यह शिकायत पटना स्थित पार्टी के राज्य निर्वाचन प्रकोष्ठ को भी भेजी गई है। शिकायत में कहा गया है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक अध्यक्ष की घोषणा को स्थगित किया जाना चाहिए था।
कार्यकर्ताओं का यह भी कहना है कि शिकायत देने के बावजूद अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे नाराजगी और बढ़ गई है। कई कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि यदि संगठन के अंदर ही निष्पक्ष चुनाव नहीं होंगे तो इससे पार्टी की छवि पर असर पड़ेगा।
इधर शाहकुंड प्रखंड का यह विवाद अब जिला अध्यक्ष पद के चुनाव से भी जुड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। 1 मार्च 2026 को जिला अध्यक्ष पद के लिए मतदान होना है और उससे पहले ही पार्टी के अंदर खींचतान तेज हो गई है।
जिला अध्यक्ष पद को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा वर्तमान जिला कार्यकारी अध्यक्ष विवेक कुमार गुप्ता के नाम को लेकर हो रही है, जो कहलगांव क्षेत्र से जुड़े बताए जाते हैं। पार्टी के ही एक धड़े द्वारा उनके ऊपर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप यह है कि हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने एनडीए के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ काम किया था और पार्टी लाइन से हटकर प्रचार-प्रसार किया था।

हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संगठन के अंदर यह चर्चा लगातार चल रही है कि अगर शाहकुंड प्रखंड में पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देकर एक प्रत्याशी का नामांकन रद्द किया जा सकता है, तो जिला अध्यक्ष पद के चुनाव में भी वही नियम लागू होना चाहिए।
कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि पार्टी को सभी मामलों में एक समान नियम लागू करना चाहिए, ताकि संगठन के अंदर किसी प्रकार का भ्रम या पक्षपात का आरोप न लगे। वहीं दूसरी तरफ कुछ नेता यह भी कह रहे हैं कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर अंतिम फैसला प्रदेश नेतृत्व के स्तर पर ही लिया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भागलपुर जिले में जेडीयू का संगठन लंबे समय से अंदरूनी खींचतान से गुजर रहा है और संगठनात्मक चुनाव के दौरान यह मतभेद खुलकर सामने आ जाते हैं। शाहकुंड प्रखंड में हुआ विवाद इसी का एक उदाहरण माना जा रहा है।
अब सभी की नजर पटना में बैठे पार्टी के प्रदेश नेतृत्व पर टिकी हुई है। कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि शिकायतों की जांच कर निष्पक्ष निर्णय लिया जाएगा ताकि संगठन में एकजुटता बनी रहे।
फिलहाल 01 मार्च 2026 को होने वाले जिला अध्यक्ष चुनाव को लेकर माहौल काफी गर्म है और यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को कैसे संभालता है और संगठनात्मक चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से पूरा करा पाता है या नहीं।








