Rajgir: बिहार सरकार ने आगामी पर्यटन सत्र तक राजगीर में प्रतिदिन आने वाले पर्यटकों की संख्या को 2000 तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पर्यटन स्थलों पर आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने और नई तकनीक आधारित आकर्षण विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने हाल ही में राजगीर जू सफारी और नेचर सफारी का दौरा कर वन कर्मियों, स्थानीय टूरिस्ट ऑपरेटर्स तथा मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया और विस्तृत फीडबैक लिया।
बसों की संख्या बढ़ेगी, भीड़ प्रबंधन पर जोर
राजगीर जू सफारी और नेचर सफारी में बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए बसों की संख्या में वृद्धि का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पीक सीजन में टिकट मिलने में देरी और लंबी कतारें एक बड़ी समस्या बन जाती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जाएगी ताकि पर्यटक कम समय में सफारी का अनुभव ले सकें। इससे न केवल भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा बल्कि पर्यटकों की संतुष्टि भी बढ़ेगी।
वेटिंग एरिया, शौचालय और पेयजल कियोस्क की संख्या में वृद्धि
पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना इस योजना का प्रमुख हिस्सा है। वेटिंग एरिया का विस्तार किया जाएगा, ताकि धूप और बारिश के दौरान पर्यटकों को परेशानी न हो। इसके साथ ही शौचालयों और पेयजल कियोस्क की संख्या बढ़ाई जाएगी। विभाग का मानना है कि साफ-सफाई और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं किसी भी पर्यटन स्थल की छवि तय करती हैं। इन सुधारों से राजगीर को एक सुव्यवस्थित और पर्यटक-अनुकूल स्थल के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
10 सेल्फ टिकट बुकिंग कियोस्क की स्थापना
डिजिटल सुविधा को बढ़ावा देते हुए स्वयं टिकट बुकिंग के लिए 10 सेल्फ टिकट बुकिंग कियोस्क स्थापित किए जाएंगे। इससे टिकट काउंटर पर लगने वाली लंबी कतारों में कमी आएगी और पर्यटक स्वयं आसानी से टिकट प्राप्त कर सकेंगे। यह पहल खासतौर पर युवा और डिजिटल माध्यमों के अभ्यस्त पर्यटकों को ध्यान में रखकर की जा रही है।
जेन-Z को आकर्षित करने के लिए AI और VR तकनीक
राजगीर जू सफारी में जेन-Z पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वर्चुअल रियलिटी (VR) तकनीक के उपयोग की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नई पीढ़ी तकनीक से जुड़ी गतिविधियों में अधिक रुचि रखती है। ऐसे में वन्यजीवों और जैव विविधता से संबंधित वर्चुअल अनुभव, इंटरैक्टिव डिस्प्ले और AI आधारित सूचना प्रणाली विकसित की जाएगी। इससे राजगीर न केवल पारंपरिक पर्यटन स्थल रहेगा बल्कि तकनीक-संचालित आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में भी पहचान बनाएगा।
घोड़ा कटोरा झील में वॉटर स्पोर्ट्स की संभावना
घोड़ा कटोरा झील के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। समुचित अध्ययन और पर्यावरणीय मूल्यांकन के बाद यहां वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियां शुरू करने की योजना है। यदि यह योजना सफल होती है, तो पर्यटकों को बोटिंग और अन्य जल क्रीड़ाओं का अनुभव मिलेगा। इससे राजगीर में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और ठहराव की अवधि भी बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा।

वेणुवन में लाइट एंड साउंड शो
ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के वेणुवन में लाइट एंड साउंड शो स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। इसके शुरू होने के बाद वेणुवन को शाम के समय भी पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। इससे दिन के अलावा शाम में भी पर्यटकों की आवाजाही बनी रहेगी। अधिकारियों का मानना है कि इतिहास और संस्कृति को आधुनिक प्रस्तुति के साथ जोड़ने से राजगीर की विरासत को नए रूप में प्रस्तुत किया जा सकेगा।
खुले एम्फीथिएटर में सांस्कृतिक गतिविधियां
राजगीर स्थित खुले एम्फीथिएटर का उपयोग शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए करने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक समूहों को मंच उपलब्ध कराया जाएगा। इससे पर्यटन को सांस्कृतिक पहचान के साथ जोड़ा जा सकेगा और स्थानीय प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
हिरण्य पर्वत पार्क के सौंदर्यीकरण की तैयारी
हिरण्य पर्वत पार्क के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही इसे बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट के रूप में शामिल करने के लिए डीएफओ को पहल करने को कहा गया है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है, तो राजगीर की जैव विविधता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सकती है।










