MSP 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने 2026 सीजन के लिए कोप्रा का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मंज़ूर कर दिया है। यह फैसला नारियल किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने और कृषि क्षेत्र को मज़बूत करने की दिशा में सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
2026 सीजन के लिए फेयर एवरेज क्वालिटी (FAQ) मिलिंग कोप्रा का MSP ₹12,027 प्रति क्विंटल तय किया गया है, जबकि बॉल कोप्रा का MSP ₹12,500 प्रति क्विंटल रखा गया है। यह पिछले सीजन की तुलना में क्रमशः ₹445 और ₹400 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी है।
इस बढ़ोतरी का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना, बाज़ार में उतार-चढ़ाव से सुरक्षा देना और कोप्रा उत्पादन को बढ़ावा देना है, जिसकी देश और विदेश दोनों जगह अच्छी मांग है।
2014 के बाद से मिलिंग कोप्रा का MSP लगभग 129% बढ़कर ₹5,250 से ₹12,027 प्रति क्विंटल हो गया है। वहीं, बॉल कोप्रा का MSP भी करीब 127% बढ़कर ₹5,500 से ₹12,500 प्रति क्विंटल पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी उत्पादन लागत और महंगाई के अनुरूप समर्थन मूल्य तय करने की सरकार की नीति को दर्शाती है।
यह फैसला 2018–19 के केंद्रीय बजट में किए गए उस वादे के अनुरूप भी है, जिसमें MSP को उत्पादन लागत के कम से कम 1.5 गुना तय करने की घोषणा की गई थी।
कुल मिलाकर, कोप्रा के MSP में यह बढ़ोतरी भारत की खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता, ग्रामीण विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य के अनुरूप है। इससे न सिर्फ नारियल किसानों को लाभ मिलेगा, बल्कि देश की कृषि अर्थव्यवस्था भी मज़बूत होगी।





