CIBIL और लोन फ्रॉड: एक नई तरह की साइबर ठगी
आज के डिजिटल युग में जैसे-जैसे तकनीक ने हमारी ज़िंदगी आसान की है, वैसे-वैसे फ्रॉड के तरीके भी स्मार्ट होते जा रहे हैं। CIBIL और लोन फ्रॉड अब एक नया खतरा बनकर सामने आया है, जिसमें लोगों की बिना जानकारी के उनके नाम पर लोन ले लिया जाता है।
कैसे होता है ये फ्रॉड?
- आपके PAN, Aadhaar और मोबाइल नंबर जैसे डिटेल्स कहीं से लीक हो जाते हैं।
- फ्रॉडस्टर इन डिटेल्स से आपके नाम पर किसी फिनटेक ऐप पर लोन के लिए अप्लाई करते हैं।
- CIBIL स्कोर अच्छा हो या नहीं — कुछ shady कंपनियां approval दे देती हैं।
- फिर EMI, recovery call और harassment की शुरुआत होती है — और आपको पता भी नहीं होता कि आपने कब और कहाँ लोन लिया।
CIBIL स्कोर कैसे बिगड़ता है?
CIBIL आपकी क्रेडिट हिस्ट्री ट्रैक करता है। जब कोई फ्रॉड आपके नाम से लोन ले और चुकता ना करे — तो वो डिफॉल्ट आपके नाम पर दर्ज होता है। इससे:
- बैंक से असली लोन लेने में दिक्कत
- EMI पर high interest
- नौकरी में दिक्कत (बैकग्राउंड चेक में)
कैसे पहचानें कि आप फंसे हैं?
- अचानक आपके नंबर पर लोन से जुड़ी कॉल्स आना
- CIBIL रिपोर्ट में अनजान लोन दिखना
- SMS या WhatsApp पर लोन रिमाइंडर
कैसे बचें इस जाल से?
- हर 3 महीने में CIBIL रिपोर्ट चेक करें:
https://www.cibil.com/ पर फ्री में रिपोर्ट पाएं। - KYC डिटेल्स कहीं शेयर ना करें — खासकर WhatsApp या SMS पर।
- UPI और लोन ऐप्स की Permission चेक करें — कई ऐप आपकी contact, messages और gallery तक पहुंच मांगते हैं।
- सिर्फ RBI रजिस्टर्ड NBFC या बैंक से ही लोन लें
https://rbi.org.in/ पर लिस्ट मौजूद है।
कानून क्या कहता है?
यदि आपके नाम से फर्जी लोन लिया गया है:
- पुलिस में साइबर फ्रॉड की शिकायत करें
- RBI Ombudsman से शिकायत करें
- CIBIL को Dispute Raise करें
CIBIL और लोन फ्रॉड अब एक आम समस्या बन चुकी है, लेकिन जानकारी और सतर्कता से आप इससे बच सकते हैं। डिजिटल दुनिया में जितनी आसानी से सुविधाएं मिलती हैं, उतनी ही आसानी से धोखाधड़ी भी होती है। सावधान रहें, सतर्क रहें।





