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RBI का बड़ा फैसला: अब 7 दिन में अपडेट होगा क्रेडिट डेटा, लोन लेने वालों पर क्या पड़ेगा असर?

RBI ने क्रेडिट सिस्टम में एक अहम बदलाव करते हुए बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए क्रेडिट ब्यूरो को डेटा रिपोर्ट करने की समयसीमा 30 दिन से घटाकर 7 दिन कर दी है। इस फैसले से उधारकर्ताओं (borrowers) के क्रेडिट स्कोर, लोन प्रोसेस और धोखाधड़ी पर सीधा असर पड़ने की उम्मीद है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम जहां एक तरफ क्रेडिट स्कोर को तेज़ी से सुधारने में मदद करेगा, वहीं दूसरी ओर स्कोर में बार-बार होने वाले बदलाव कुछ लोगों के लिए शुरुआती तनाव भी पैदा कर सकते हैं।

सुरक्षित लोन लेने वालों को होगा सबसे ज़्यादा फायदा

RentenPe की CEO और Co-founder सरिका शेट्टी के मुताबिक, तेज़ रिपोर्टिंग साइकिल का सबसे बड़ा फायदा उन ग्राहकों को मिलेगा जिन्होंने secured loans लिए हैं, जैसे:

  • FD-backed credit cards
  • होम लोन
  • कार लोन

उन्होंने कहा,अब आपके क्रेडिट मिक्स में सुधार बहुत जल्दी दिखेगा, जिससे लंबे समय में आपका क्रेडिट स्कोर बेहतर होगा।”

धोखाधड़ी पर लगेगी लगाम

सरिका शेट्टी ने यह भी बताया कि इस बदलाव से fraud risk में बड़ी गिरावट आ सकती है।
उनके अनुसार,जब बैंक हर 7 दिन में डेटा भेजेंगे, तो गलत दस्तावेज़ या गलत जानकारी जल्दी पकड़ में आ जाएगी-खासतौर पर उन लोगों के लिए जो नियमित रूप से अपना क्रेडिट स्कोर चेक करते हैं।”

तेज़ रिपोर्टिंग = तेज़ असर

हालांकि, इस सिस्टम का दूसरा पहलू भी है। शेट्टी ने चेतावनी दी कि अगर क्रेडिट प्रोडक्ट का गलत इस्तेमाल हुआ-जैसे EMI में देरी-तो उसका असर भी तुरंत क्रेडिट स्कोर पर दिखेगा।

इसका मतलब यह है कि अब लापरवाही की गुंजाइश कम होगी और उधारकर्ताओं को अपनी फाइनेंशियल डिसिप्लिन पहले से ज़्यादा सख्ती से बनाए रखनी होगी।

समय पर भुगतान का फायदा भी तुरंत

Finkeda के Chairman और Managing Director मनीष गोयल ने भी इस बदलाव को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि
समय पर EMI भुगतान, क्रेडिट कार्ड बिल क्लियर करना या लोन बंद करना-इन सभी का फायदा अब तेज़ी से क्रेडिट स्कोर में दिखेगा, जिससे लोगों को बेहतर ब्याज दरों और आसान लोन शर्तों तक जल्दी पहुंच मिल सकेगी।

हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा किबार-बार होने वाले छोटे उतार-चढ़ाव उन लोगों को भ्रमित कर सकते हैं जो यह नहीं जानते कि क्रेडिट स्कोर में हल्की गिरावट या बढ़त सामान्य बात है। RBI का यह फैसला भारत के क्रेडिट इकोसिस्टम को ज़्यादा transparent, fast और accountable बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लेकिन इसके साथ ही उधारकर्ताओं को भी अब:

  • समय पर भुगतान
  • क्रेडिट लिमिट का सही इस्तेमाल
  • नियमित क्रेडिट स्कोर मॉनिटरिंग
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Mission Aditya
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Founder – KhabarX Building an independent media platform where facts matter more than noise. Amplifying unheard stories, questioning silence, and creating journalism powered by truth, technology, and the next generation of changemakers.

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