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GDP से लेकर गरीबी तक: 2000–2026 के बीच भारत का तुलनात्मक विकास विश्लेषण

On: February 21, 2026 3:34 PM
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नई दिल्ली: वर्ष 2000 से 2026 के बीच भारत में दो प्रमुख राजनीतिक कार्यकाल रहे हैं। वर्ष 2000 से 2013 तक केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार रही, जबकि 2014 से 2026 तक भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में सरकार कार्यरत रही। इस दौरान देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रक्षा और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई प्रमुख संकेतकों में बदलाव दर्ज किए गए।यह रिपोर्ट विभिन्न सरकारी और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा जारी आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन या विरोध नहीं किया गया है।

आर्थिक विकास और सकल घरेलू उत्पाद (GDP)

विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार, 2004 से 2010 के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि दर औसतन 8 प्रतिशत के आसपास रही। इस दौरान सेवा क्षेत्र, सूचना प्रौद्योगिकी और वित्तीय सेवाओं में तेजी से विकास हुआ। 2014 के बाद सरकार द्वारा जीएसटी लागू किया गया और 2016 में नोटबंदी की गई। वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों में गिरावट आई। इसके बाद 2022 से 2025 के बीच अर्थव्यवस्था में सुधार दर्ज किया गया।

औसत GDP वृद्धि दर

अवधिऔसत वृद्धि दर
2000–20136.8% – 8.5%
2014–20265.5% – 7.5%

स्रोत: World Bank, IMF

प्रति व्यक्ति आय

भारतीय रिजर्व बैंक और सांख्यिकी मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2004 में प्रति व्यक्ति आय ₹24,143 थी, जो 2013 में बढ़कर ₹74,920 हो गई। 2025 तक इसके लगभग ₹1.97 लाख पहुंचने का अनुमान है।

वर्षप्रति व्यक्ति आय (₹)
200424,143
201374,920
201479,118
2025*1,97,000

स्रोत: RBI, MOSPI

रोजगार और बेरोजगारी

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय और आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अनुसार, 2000 से 2013 के बीच बेरोजगारी दर 4 से 6 प्रतिशत के बीच रही।

2014 के बाद स्टार्टअप, डिजिटल सेवाओं और गिग इकॉनमी में रोजगार के नए अवसर बने, हालांकि शहरी युवाओं में बेरोजगारी चिंता का विषय बनी रही।

अवधिबेरोजगारी दर
2000–20134% – 6%
2014–20265% – 8%

स्रोत: PLFS, CMIE

शिक्षा और साक्षरता

जनगणना 2001 और 2011 के अनुसार, साक्षरता दर 64.8 प्रतिशत से बढ़कर 73 प्रतिशत हो गई। यूनेस्को के अनुसार 2023 तक यह लगभग 77.7 प्रतिशत तक पहुंची।

सरकार द्वारा सर्व शिक्षा अभियान, मिड-डे मील योजना और नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा प्रणाली में सुधार किए गए।

वर्षसाक्षरता दर
200164.8%
201173.0%
202377.7%

स्रोत: Census, UNESCO

स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2005 में स्वास्थ्य बजट लगभग ₹10,000 करोड़ था, जो 2013 में बढ़कर ₹37,000 करोड़ हो गया।

2018 में आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई। कोविड-19 महामारी के दौरान देश में बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया गया।

वर्षस्वास्थ्य बजट (₹ करोड़)
200510,000
201337,000
202590,000+

स्रोत: MoHFW, Union Budget

कृषि और किसान कल्याण

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2000 से 2013 के बीच न्यूनतम समर्थन मूल्य में नियमित वृद्धि की गई। वर्ष 2008 में ₹60,000 करोड़ की किसान ऋण माफी योजना लागू की गई।

2019 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई, जिसके तहत किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की सहायता दी जाती है।

वर्ष / योजनाविवरण
2008किसान ऋण माफी
2019PM-KISAN
2024₹2.6 लाख करोड़ DBT

स्रोत: Agriculture Ministry

रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2004 में रक्षा बजट ₹83,000 करोड़ था, जो 2013 में ₹2.53 लाख करोड़ और 2025 में ₹6.21 लाख करोड़ तक पहुंच गया।

2014 के बाद स्वदेशी रक्षा उत्पादन और रक्षा निर्यात को बढ़ावा दिया गया।

वर्षरक्षा बजट (₹ लाख करोड़)
20040.83
20132.53
20256.21

स्रोत: Ministry of Defence

बुनियादी ढांचा और सुविधाएं

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 2005 में ग्रामीण बिजली कवरेज 55 प्रतिशत था, जो 2024 तक 99 प्रतिशत हो गया।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशभर में शौचालय निर्माण में वृद्धि दर्ज की गई।

वर्षबिजली कवरेजशौचालय कवरेज
200555%38%
201367%45%
202499%95%

स्रोत: Saubhagya, SBM

गरीबी और जीवन स्तर

विश्व बैंक और नीति आयोग के अनुसार, 2005 में गरीबी दर 37 प्रतिशत थी, जो 2022 तक घटकर 10 प्रतिशत से नीचे आ गई।

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर प्रणाली से सब्सिडी सीधे लाभार्थियों तक पहुंची।

वर्षगरीबी दर
200537%
201122%
2022<10%

स्रोत: World Bank, NITI Aayog

प्रमुख सरकारी योजनाएं

अवधिप्रमुख योजनाएं
2000–2013MGNREGA, RTI, NRHM
2014–2026PMJDY, Ayushman Bharat, PM-KISAN

2000 से 2026 के बीच भारत में आर्थिक, सामाजिक और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई क्षेत्रों में प्रगति दर्ज की गई। कांग्रेस सरकार के दौरान सामाजिक योजनाओं और स्थिर विकास पर जोर दिया गया, जबकि भाजपा सरकार के दौरान डिजिटल सेवाओं, आधारभूत संरचना और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली को प्राथमिकता दी गई।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दोनों अवधियों में गरीबी में कमी, साक्षरता में वृद्धि और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार दर्ज किया गया। हालांकि रोजगार, महंगाई और कृषि आय जैसी चुनौतियां दोनों ही दौर में बनी रहीं।

यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सरकारी और अंतरराष्ट्रीय स्रोतों पर आधारित है।

CREDIT KhabarX

Mission Aditya

Founder – KhabarX | Patriotic Youth Ambassador (VPRF)Amplifying unheard stories, questioning silence, and building journalism powered by truth, tech & youth. Purpose-led. Change-driven.

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