नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को GST (वस्तु एवं सेवा कर) दरों के सरलीकरण पर बोलते हुए विपक्षी कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले आम जनता पर टैक्स का बोझ इतना ज़्यादा था कि रसोई से लेकर खेती और बच्चों की टॉफी तक किसी भी चीज़ पर राहत नहीं थी। अब GST दरों का सरलीकरण करके सरकार ने लोगों को राहत देने का काम किया है।
कांग्रेस सरकार और ऊंचे टैक्स का बोझ
मोदी ने विस्तार से बताया कि कैसे कांग्रेस सरकार ने आम ज़रूरत की चीज़ों पर भी भारी टैक्स लगाया।
- टूथपेस्ट, साबुन और बालों के तेल पर 27% टैक्स
- खाने की प्लेट, कप-प्लेट और चम्मच पर 18-28% टैक्स
- टूथ पाउडर पर 17% टैक्स
- बच्चों की टॉफियों पर 21% टैक्स
- साइकिल पर 17% टैक्स
- सिलाई मशीन पर 16% टैक्स
- सीमेंट पर 29% टैक्स
- होटल के कमरों पर 14% टैक्स
- टीवी, पंखा और एसी पर 31% टैक्स
उन्होंने कहा कि इन टैक्सों ने किसानों, मध्यम वर्ग और छोटे व्यवसायियों की ज़िंदगी मुश्किल बना दी थी।
GST दरों का सरलीकरण: नया ढांचा क्या है?
GST परिषद ने हाल ही में चार कर स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को घटाकर केवल दो स्लैब में समेटने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब देश में केवल 5% और 18% टैक्स स्लैब रहेंगे।
किन चीज़ों पर असर पड़ेगा?
- खाद्य सामग्री और दवाइयाँ: ज़्यादातर ज़रूरी वस्तुएं सस्ती होंगी।
- कृषि उत्पाद: किसानों की लागत घटेगी, मुनाफा बढ़ेगा।
- ग्रीन एनर्जी उत्पाद: सोलर और पवन ऊर्जा जैसे सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा।
- वाहन: छोटे वाहन और बाइक पर टैक्स में कमी आएगी।
- बीमा और जीवन रक्षक दवाइयाँ: अब टैक्स-फ्री कर दी गई हैं।
- ब्रेड, दूध जैसी ज़रूरी चीज़ें: इन पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा।
पीएम मोदी का दावा: “यह स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा सुधार”
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा आर्थिक सुधार बताया। उन्होंने कहा:
“मैंने देशवासियों से वादा किया था कि इस दिवाली डबल बोनस मिलेगा। नवरात्र से ही इसका फायदा लोगों को दिखने लगेगा। यह स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा सुधार है।”
मोदी ने कहा कि GST दरों का सरलीकरण आम जनता को सीधे तौर पर राहत देगा। रसोई से लेकर घर बनाने तक और इलाज से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक हर जगह खर्च कम होगा।
कांग्रेस की आलोचना और राजनीतिक सवाल
वहीं कांग्रेस ने इस फैसले को चुनावी चाल करार दिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कदम “आठ साल देर से लिया गया फैसला” है। उन्होंने सवाल उठाए कि आखिर इतने सालों बाद अचानक GST दरों का सरलीकरण क्यों किया गया।
विपक्ष का आरोप है कि बिहार चुनाव और अंतरराष्ट्रीय दबाव, खासकर अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ की वजह से सरकार ने यह कदम उठाया है। कांग्रेस ने कहा कि अगर यह सुधार पहले कर दिया जाता तो महंगाई पर जल्दी नियंत्रण पाया जा सकता था।
जनता पर असर और भविष्य की राह
GST दरों का सरलीकरण आम जनता, किसानों, छोटे उद्योगों और मध्यम वर्ग के लिए राहत लेकर आया है। अब ज़रूरी सामान, दवाइयाँ और शिक्षा से जुड़ी सेवाएं सस्ती होंगी। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इससे उपभोग बढ़ेगा और बाज़ार में मांग मजबूत होगी।
सरकार का दावा है कि इससे “ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस” को बढ़ावा मिलेगा और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा। हालांकि विपक्ष का मानना है कि जब तक रोज़गार और महंगाई की चुनौतियाँ हल नहीं होंगी, तब तक जनता को वास्तविक लाभ नहीं मिलेगा।





