भारतीय रेलवे एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी में है। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को गुवाहाटी–कोलकाता रूट पर चलाने की योजना बनाई जा रही है। यह कदम न सिर्फ भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में अहम है, बल्कि पूर्वोत्तर भारत के लिए भी एक बड़ी सौगात माना जा रहा है।अब तक वंदे भारत एक्सप्रेस केवल चेयरकार सुविधा के साथ दिन में चलने वाली ट्रेन रही है, लेकिन स्लीपर संस्करण के आने से लंबी दूरी की रात की यात्रा पूरी तरह बदलने वाली है।
रात की रेल यात्रा में आएगा बड़ा बदलाव
गुवाहाटी से कोलकाता के बीच रोज़ाना हजारों यात्री सफर करते हैं। मौजूदा ट्रेनों से यह दूरी तय करने में 16 से 18 घंटे तक का समय लग जाता है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन इस समय को कम करने के साथ-साथ यात्रियों को एक आरामदायक और आधुनिक अनुभव देगी।यह ट्रेन खासतौर पर उन यात्रियों के लिए फायदेमंद होगी जो रात में सफर कर सुबह गंतव्य तक पहुंचना चाहते हैं, बिना ज्यादा थकान के।
तेज रफ्तार और कम समय
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की डिज़ाइन स्पीड 160 किमी प्रति घंटा होगी। हालांकि परिचालन के दौरान स्पीड ट्रैक की स्थिति पर निर्भर करेगी, लेकिन फिर भी यह ट्रेन मौजूदा राजधानी और सुपरफास्ट ट्रेनों से तेज होगी।कम स्टॉपेज, बेहतर एक्सेलेरेशन और आधुनिक ब्रेकिंग सिस्टम के कारण यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।
स्लीपर कोच में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
इस ट्रेन के स्लीपर कोच पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग होंगे। इन्हें खासतौर पर लंबी दूरी और रात की यात्रा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
संभावित सुविधाएं इस प्रकार हैं:
- आरामदायक और एर्गोनॉमिक बर्थ
- ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे
- कम शोर और कम वाइब्रेशन वाली सस्पेंशन तकनीक
- बेहतर नाइट लाइटिंग सिस्टम
- आधुनिक, टच-फ्री वॉशरूम
- हर बर्थ पर चार्जिंग पॉइंट
- CCTV कैमरे और फायर डिटेक्शन सिस्टम

यात्रियों की सुरक्षा और आराम दोनों को प्राथमिकता दी गई है।
पूर्वोत्तर भारत के लिए बड़ी सौगात
गुवाहाटी–कोलकाता रूट पूर्वोत्तर भारत की जीवनरेखा माना जाता है। इस रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलने से:
- व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा
- छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को तेज कनेक्टिविटी मिलेगी
- पर्यटन को नई गति मिलेगी
- क्षेत्रीय विकास को मजबूती मिलेगी
कई वर्षों से पूर्वोत्तर राज्यों की मांग रही है कि उन्हें हाई-स्पीड और आधुनिक ट्रेन सेवाएं मिलें, और यह ट्रेन उसी दिशा में बड़ा कदम है।
मेक इन इंडिया’ का उदाहरण
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित होगी। इसका निर्माण भारत में ही किया जा रहा है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को मजबूत करता है।
पिछली वंदे भारत ट्रेनों से मिले फीडबैक के आधार पर इस संस्करण में टिकाऊपन, मेंटेनेंस और पैसेंजर कम्फर्ट पर खास ध्यान दिया गया है।Route and Schedule
| Sr. | Station | Kamakhya → Howrah | Howrah → Kamakhya | ||
|---|---|---|---|---|---|
| Arr | Dep | Arr | Dep | ||
| 1 | Kamakhya (KYQ) | – | 19:00 | 08:30 | – |
| 2 | Malda Town (MLDT) | 04:50 | 05:00 | 22:30 | 22:40 |
| 3 | Howrah (HWH) | 09:30 | – | – | 18:00 |
जो यात्री समय, सुविधा और भरोसेमंद सफर चाहते हैं, उनके लिए यह ट्रेन आकर्षक विकल्प बनेगी।

पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर
वंदे भारत ट्रेनें पूरी तरह इलेक्ट्रिक हैं, जिससे:
- कार्बन उत्सर्जन कम होता है
- डीज़ल ट्रेनों पर निर्भरता घटती है
- ऊर्जा दक्षता बढ़ती है
यह भारत के हरित परिवहन लक्ष्यों के अनुरूप है।
Rake Formation
| Sr. No. | Coach No. | Class | Power Configuration | Basic Power Unit | Seating Capacity |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | B1 | 3AC | DTC | Unit 1 | 28 |
| 2 | B2 | 3AC | MC | Unit 1 | 67 |
| 3 | B3 | 3AC | TC | Unit 1 | 55 |
| 4 | B4 | 2AC | MC2 | Unit 1 | 67 |
| 5 | A1 | 2AC | MC | Unit 2 | 48 |
| 6 | B5 | 3AC | TC | Unit 2 | 55 |
| 7 | A2 | 2AC | MC2 | Unit 2 | 48 |
| 8 | H1 | 1AC | NDTC | Unit 2 | 24 |
| 9 | A3 | 2AC | NDTC | Unit 3 | 44 |
| 10 | A4 | 2AC | MC2 | Unit 3 | 48 |
| 11 | B6 | 3AC | TC | Unit 3 | 55 |
| 12 | B7 | 3AC | MC | Unit 3 | 67 |
| 13 | B8 | 3AC | MC2 | Unit 3 | 67 |
| 14 | B9 | 3AC | TC | Unit 4 | 55 |
| 15 | B10 | 3AC | MC | Unit 4 | 67 |
| 16 | B11 | 3AC | DTC | Unit 4 | 67 |
किराया कितना हो सकता है?
| Class | Fare (INR) |
|---|---|
| AC 3-tier | 2,300 |
| AC 2-tier | 3,000 |
| AC First Class | 3,600 |




