नई दिल्ली। आयकर विभाग (Income Tax Department) ने इस बार ITR Filing 2025 की ड्यू डेट 15 सितंबर तय की है। वहीं अंतिम तारीख 31 दिसंबर रखी गई है। यानी टैक्सपेयर को 15 सितंबर तक बिना जुर्माने के ITR फाइल करना होगा। अगर कोई टैक्सपेयर इस डेडलाइन के बाद रिटर्न भरता है, तो उसे भारी भरकम जुर्माना देना पड़ सकता है।
यह खबर खास तौर पर उन लोगों के लिए है जो यूट्यूब या सोशल मीडिया से कमाई करते हैं। आइए जानते हैं कि Youtube Makers/Creators कैसे आसानी से ITR फाइल कर सकते हैं और उनके लिए कौन-सा फॉर्म सही रहेगा।
यूट्यूब मेकर्स ITR कैसे करें फाइल?
- रिकॉर्ड तैयार करें – सबसे पहले यह दर्ज करें कि यूट्यूब या सोशल मीडिया से कितनी कमाई हुई है और कंटेंट बनाने में कितना खर्च आया।
- इनकम का वर्गीकरण – यूट्यूब से हुई कमाई को Business Income या Professional Income के रूप में दिखाना होगा।
- सही टैक्स रिजीम चुनें – एक बार चुनी गई नई या पुरानी टैक्स रिजीम को बार-बार बदला नहीं जा सकता। इसलिए शुरुआत में सही विकल्प चुनना जरूरी है।
कौन-सा ITR फॉर्म है सही?
यूट्यूब क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को ITR-3 या ITR-4 फॉर्म से रिटर्न भरना चाहिए।
- ITR-4 : अगर आपकी सालाना कमाई 50 लाख रुपये से कम है।
- ITR-3 : अगर आपकी इनकम 50 लाख से ज्यादा है या बिजनेस/प्रोफेशन के साथ अन्य इनकम भी है।
किसके लिए कौन-सा फॉर्म?
- ITR-1 – सिर्फ सैलरी वालों के लिए
- ITR-2 – सैलरी + कैपिटल गेन (जैसे निवेश, प्रॉपर्टी आदि)
- ITR-3 – बिजनेस + कैपिटल गेन
- ITR-4 – बिजनेस/प्रोफेशन से कमाई करने वालों के लिए
कैपिटल गेन में क्या शामिल है?
कैपिटल गेन का मतलब है – बिजनेस और सैलरी के अलावा अन्य सोर्स से कमाई। इसमें शामिल हैं:
- शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड से कमाई
- रियल एस्टेट (जमीन/मकान)
- वैल्युएबल आइटम्स जैसे सोना-चांदी, महंगी पेंटिंग या अन्य कीमती चीजें
यूट्यूब से कमाने वाले युवाओं और क्रिएटर्स के लिए अब ITR Filing सिर्फ कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक जरूरी वित्तीय अनुशासन है। सही फॉर्म का चयन करके और डेडलाइन का ध्यान रखकर वे न सिर्फ पेनाल्टी से बच सकते हैं बल्कि आने वाले समय में बैंकिंग, लोन और अन्य फाइनेंशियल बेनिफिट्स भी आसानी से पा सकते हैं।





