पिछले कुछ वर्षों में किसान कर्ज़ माफ़ी का मुद्दा लगातार चर्चा में रहा है। संसद में सरकार ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार की ओर से कोई नया राष्ट्रीय कर्ज़ माफी पैकेज फिलहाल नहीं है।
हालांकि, कई राज्यों में छोटे और सीमांत किसानों के लिए योजनाएं जारी हैं। किसानों के ऋण का अधिकांश हिस्सा Kisan Credit Card (KCC) के माध्यम से दिया जाता है। KCC छोटे और सीमांत किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि जरूरतों के लिए कम ब्याज दर पर ऋण प्रदान करता है।
सरकार का कहना है कि किसानों को बार-बार कर्ज़ माफ़ी देने के बजाय सतत वित्तीय सहायता देना अधिक स्थायी समाधान है।
बड़े उद्योगपतियों और किसानों के कर्ज़ माफ़ी में अंतर
1. बड़े कर्ज़ माफ़ी के पीछे कारण
- बड़े उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट्स के कर्ज़ अक्सर सिस्टम पर बड़ा वित्तीय दबाव डालते हैं।
- बैंकिंग प्रणाली में उनके एनपीए (Non-Performing Assets) का बड़ा असर होता है।
- इसलिए, सरकार इन ऋणों की माफी तेज़ी से करती है ताकि बैंकिंग प्रणाली सुरक्षित रहे।
2. किसानों के लिए क्यों मुश्किल
- KCC ऋण छोटे किसानों को दिए जाते हैं, और ये सरकारी बैंक और सहकारी संस्थाओं द्वारा वितरित होते हैं।
- सरकार का तर्क है कि बार-बार कर्ज़ माफी देने से किसान वित्तीय अनुशासन खो सकते हैं।
- वास्तविकता यह है कि किसान लगातार प्राकृतिक आपदाओं और बाजार अस्थिरता का सामना करते हैं, और उनकी मदद करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
3. असमानता स्पष्ट है
- बड़े उद्योगपतियों का ऋण माफ़ करना सरल है, लेकिन छोटे किसानों के लिए वही प्रक्रिया लंबी और जटिल है।
- यह असमानता किसानों के आर्थिक संकट को बढ़ा देती है।
KCC: किसानों की स्थायी वित्तीय सुरक्षा
Kisan Credit Card (KCC) योजना का उद्देश्य किसानों को सतत वित्तीय मदद और आसान ऋण सुविधा देना है। KCC के तहत किसान समय पर फसल क्रेडिट, बीज, खाद और सिंचाई की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं।
सहायक योजनाएं
- फसल बीमा योजना: प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षा।
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करता है।
तकनीकी सहायता
- डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से किसान बाजार मूल्य, फसल सलाह और ऋण आवेदन जैसी सुविधाओं तक आसानी से पहुँच सकते हैं।
- KCC के माध्यम से किसान छोटे ऋणों पर कम ब्याज दर का फायदा उठाते हैं और वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हैं।
सरकार का कहना है कि KCC की पहुँच बढ़ाने और सुविधाओं में सुधार करने से किसान को लंबे समय तक लाभ मिलेगा, और बार-बार कर्ज़ माफी देने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
संसद में सरकार की स्थिति
कृषि और किसान कल्याण मंत्री ने संसद में कहा कि सरकार का लक्ष्य है किसानों की आर्थिक सुरक्षा और स्थिर आय सुनिश्चित करना।
- कर्ज़ माफी को लक्षित और सतत रखा जाएगा, ताकि लाभ वास्तविक जरूरतमंद किसानों तक पहुंचे।
- कृषि सुधारों में ध्यान सतत आय, जोखिम कम करना, और किसानों की तकनीकी सशक्तिकरण पर है।
- डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और KCC जैसी योजनाएं इसका हिस्सा हैं।
- बड़े उद्योगपतियों के कर्ज़ माफ़ करना सरल है, लेकिन छोटे किसानों के लिए वही प्रक्रिया लंबी और जटिल है।
- KCC जैसी योजनाएं किसानों को स्थायी वित्तीय सुरक्षा और आसान ऋण सुविधा प्रदान करती हैं।
- असमानता स्पष्ट है, लेकिन अगर KCC की पहुँच और सुविधाएँ बढ़ाई जाएं तो छोटे किसान भी स्थिर आर्थिक स्थिति में आ सकते हैं।





