ईरान पर सख्त रुख: ट्रंप बोले—“मिडिल ईस्ट सहयोगियों को नुकसान नहीं होने देंगे”
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर युद्ध की स्थिति बनती है, तो अमेरिका अपने सहयोगियों—खासतौर पर Israel और अरब देशों—को “नुकसान पहुँचने या असफल होने” नहीं देगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है और अमेरिका “बहुत जल्द” अपना मिशन पूरा कर लेगा।
“ईरान की सैन्य ताकत कमजोर”
ट्रंप के अनुसार:
• ईरान की मिसाइल और ड्रोन लॉन्च क्षमता काफी सीमित हो चुकी है
• नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान हुआ है
• कई सैन्य ठिकानों और हथियार फैक्ट्रियों को नष्ट किया जा चुका है
उन्होंने कहा:
• “हमारे मुख्य रणनीतिक लक्ष्य लगभग पूरे हो चुके हैं, और हम बहुत जल्दी यह काम खत्म कर देंगे।”
2–3 हफ्तों में निर्णायक कार्रवाई का संकेत
राष्ट्र को संबोधित करते हुए ट्रंप ने चेतावनी दी कि:
• अगले 2–3 हफ्तों में और तेज़ सैन्य कार्रवाई हो सकती है
• जरूरत पड़ी तो ईरान के पावर प्लांट और बुनियादी ढांचे को भी निशाना बनाया जाएगा
होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर बयान ट्रंप ने अन्य देशों से भी अपील की कि वे
Strait of Hormuz की सुरक्षा में “साहस” दिखाएं।
उन्होंने कहा कि:
• यह वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम रास्ता है
• अमेरिका अकेले इसकी जिम्मेदारी नहीं उठाएगा
सहयोगियों को पूरा समर्थन
ट्रंप ने साफ कहा:
• अमेरिका अपने किसी भी सहयोगी को “चोट नहीं पहुँचने देगा”
• इज़राइल और अन्य मिडिल ईस्ट देशों की सुरक्षा प्राथमिकता है
परमाणु खतरे पर सख्ती
ट्रंप ने दोहराया कि:
• ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं बनाने दिया जाएगा
• यह “अमेरिका और दुनिया की सुरक्षा” के लिए जरूरी है
उन्होंने दावा किया कि अमेरिका पहले ही कई परमाणु ठिकानों को तबाह कर चुका है।










