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तेल संकट के बीच ईरान का बड़ा दांव, ट्रंप के सामने रखीं 3 शर्तें

ट्रंप बनाम ईरान: होर्मुज़ खोलने की 3 शर्तों पर अटका बड़ा खेल, परमाणु डील पर बढ़ा तनाव मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के सामने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को फिर से खोलने के लिए 3 बड़ी शर्तें रख दी हैं। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति  इन शर्तों से खुश नहीं बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन को सबसे ज्यादा आपत्ति इस बात पर है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को फिलहाल टालना चाहता है।

क्या है ईरान का नया प्लान?

सूत्रों के अनुसार, ईरान ने अमेरिका को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें कहा गया है कि अगर वॉशिंगटन:

1. मध्य पूर्व में चल रहा युद्ध खत्म करे
2. ईरान और उसके बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी हटाए
3. तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को बाद के चरण में ले जाए

तो ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए तैयार है।

यह प्रस्ताव ईरान के विदेश मंत्री  ने ओमान और पाकिस्तान में हुई बैठकों के दौरान पेश किया।

ट्रंप क्यों नाराज़ हैं?

• अमेरिकी राष्ट्रपति  लगातार यह कहते रहे हैं कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाज़त नहीं दी जा सकती। ऐसे में परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा टालने का प्रस्ताव ट्रंप की रणनीति के खिलाफ माना जा रहा है।

• अमेरिकी विदेश मंत्री  ने भी साफ कर दिया है कि ऐसा कोई समझौता स्वीकार नहीं होगा जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को शामिल न किया जाए।

रूबियो ने कहा,
• “हम उन्हें ऐसा करके बच निकलने नहीं दे सकते। हमें सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी समझौता उन्हें परमाणु हथियार के करीब पहुंचने से पूरी तरह रोके।”

ट्रंप पर क्यों बढ़ रहा है दबाव?

होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद अहम है। शांति काल में दुनिया का लगभग पाँचवां हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से:

• तेल और पेट्रोल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं
• वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है
• खाद्य पदार्थ और उर्वरकों की कीमतें बढ़ रही हैं
• खाड़ी देशों पर भारी दबाव बन रहा है

अमेरिका में भी आगामी मध्यावधि चुनावों से पहले बढ़ती महंगाई ट्रंप के लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती बन रही है।

ईरान पर ट्रंप का गुस्सा

• रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने ईरान की बातचीत में देरी और नेतृत्व की अस्पष्टता पर भी नाराज़गी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान को खुद नहीं पता कि उसका असली नेता कौन है।

• उन्होंने कट्टरपंथियों और नरमपंथियों दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह संघर्ष अब नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है।

आगे क्या?

• व्हाइट हाउस ने अभी तक ईरान के प्रस्ताव पर आधिकारिक जवाब नहीं दिया है, लेकिन संकेत साफ हैं-अमेरिका परमाणु मुद्दे को पीछे नहीं धकेलना चाहता।

• अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या ट्रंप ईरान की शर्तें मानेंगे, या होर्मुज़ और परमाणु संकट दुनिया को एक और बड़े टकराव की ओर ले जाएगा।

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