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Yash की फिल्म ‘Toxic’ का टीज़र विवादों में: एक सीन ने छेड़ी जेंडर रिप्रेज़ेंटेशन पर बहस

On: January 10, 2026 7:55 PM
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Yash – राइटर-डायरेक्टर गीतू मोहनदास की आने वाली गैंगस्टर फिल्म Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups का टीज़र रिलीज़ होते ही सोशल मीडिया पर तेज़ बहस का विषय बन गया है। 8 जनवरी को अभिनेता यश के 40वें जन्मदिन के मौके पर जारी इस टीज़र ने कुछ ही घंटों में व्यापक ध्यान खींच लिया। वजह बनी टीज़र में दिखाया गया एक छोटा-सा कार सीन, जिसमें यश का किरदार ‘राया’ और फिल्म की फीमेल लीड नजर आती हैं। इस सीन को लेकर कई दर्शकों ने सवाल उठाए और इसे महिलाओं के चित्रण के संदर्भ में विवादास्पद बताया।

टीज़र के एक सीन पर क्यों उठा विवाद?

टीज़र रिलीज़ होने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूज़र्स ने आरोप लगाया कि कार सीन में महिलाओं को वस्तु की तरह दिखाने और मिसोजिनिस्टिक अंडरटोन मौजूद हैं। आलोचकों का कहना था कि दृश्य की सिनेमैटिक ट्रीटमेंट दर्शकों को असहज करती है और यह जेंडर सेंसिटिविटी के मौजूदा विमर्श के खिलाफ जाती है।विवाद इसलिए भी तेज़ हुआ क्योंकि गीतू मोहनदास इससे पहले सार्वजनिक रूप से सिनेमा में सेक्सिज़्म और जेंडर स्टीरियोटाइप्स के खिलाफ अपनी राय रख चुकी हैं। ऐसे में कई लोगों ने फिल्म के इरादे और उसके मैसेज पर सवाल उठाए।

गीतू मोहनदास की प्रतिक्रिया ने बढ़ाई चर्चा

आलोचनाओं के बीच गीतू मोहनदास ने इंस्टाग्राम स्टोरी के ज़रिये प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा—
Chilling while people figure out female pleasure, consent, women playing systems, etc etc.

इस बयान को लेकर भी अलग-अलग व्याख्याएं सामने आईं। कुछ लोगों ने इसे आलोचना को खारिज करने वाला रुख माना, जबकि समर्थकों का कहना है कि निर्देशक यह संकेत देना चाह रही थीं कि टीज़र के सीन को महिला एजेंसी और सहमति के संदर्भ में देखा जाना चाहिए, न कि सतही नजर से।

बाद में गीतू मोहनदास ने टीज़र में दिख रही महिला की पहचान Beatriz Bach के रूप में की और उन्हें “cemetery girl” कहकर संबोधित किया। इससे यह संकेत मिला कि यह किरदार कहानी में आगे चलकर किसी गहरे प्रतीकात्मक अर्थ से जुड़ा हो सकता है।

फिल्म इंडस्ट्री में भी बंटी राय

यह विवाद सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों ने भी इस पर अप्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया दी। निर्देशक नितिन रंजी पनिकर की एक रहस्यमयी टिप्पणी को कई लोगों ने गीतू मोहनदास की बदलती फिल्ममेकिंग भाषा से जोड़कर देखा।वहीं, निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने खुलकर गीतू मोहनदास का समर्थन किया। उन्होंने उन्हें “Women Empowerment की सबसे बड़ी प्रतीक” बताया और कहा कि उनका विज़न ऐसा है, जिसकी कल्पना कोई पुरुष निर्देशक भी नहीं कर सकता।दूसरी ओर, आलोचक यह मानते हैं कि किसी भी सीन की व्याख्या उसके संदर्भ और प्रस्तुति से होती है, और सिर्फ इरादे का दावा पर्याप्त नहीं होता।

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Toxic को लेकर बढ़ती उत्सुकता

KVN Productions और Monster Mind Creations के बैनर तले बन रही Toxic में नयनतारा, हुमा कुरैशी और कियारा आडवाणी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। विवाद के बावजूद, या शायद उसी के कारण, फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।यह टीज़र अब तक यह साफ कर चुका है कि Toxic पारंपरिक गैंगस्टर फिल्मों से अलग, डार्क और एक्सपेरिमेंटल नैरेटिव अपनाने की कोशिश कर रही है।

Toxic के टीज़र को लेकर उठा विवाद एक बार फिर यह सवाल सामने लाता है कि सिनेमा में जेंडर रिप्रेज़ेंटेशन, निर्देशक की मंशा और दर्शकों की व्याख्या के बीच संतुलन कैसे बने। जहां एक वर्ग इसे महिलाओं की एजेंसी पर टिप्पणी मान रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे आपत्तिजनक प्रस्तुति के रूप में देख रहा है।फिलहाल इतना तय है कि यह बहस फिल्म की रिलीज़ से पहले ही Toxic को चर्चा के केंद्र में ले आई है। गीतू मोहनदास एक बार फिर ऐसे फिल्ममेकर के रूप में उभरी हैं, जो दर्शकों को सहज महसूस कराने के बजाय सोचने और सवाल उठाने पर मजबूर करती हैं

Deepak Kumar

मेरा नाम दीपक कुमार है और मैं KhabarX में कंटेंट राइटर के रूप में जुड़ा हूँ। मेरे लिए लिखना सिर्फ खबर बताना नहीं है, बल्कि उस सच्चाई को सामने लाना है जो अक्सर दिखती नहीं, या दिखने नहीं दी जाती। मुझे ज़मीनी मुद्दों को समझना, लोगों की बात सुनना और उन्हें सरल व साफ तरीके से लिखना पसंद है। मैं कोशिश करता हूँ कि जो भी लिखूं, वो सीधा, सच्चा और लोगों से जुड़ा हुआ हो। खासकर ऐसी खबरें जिन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता, लेकिन जिनका असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है। KhabarX के साथ जुड़कर मेरा उद्देश्य यही है कि मैं ऐसी स्टोरीज़ लिख सकूं जो सिर्फ पढ़ी न जाएं, बल्कि समझी भी जाएं।

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