Vikramshila Setu: भागलपुर में अगर किसी से भी पूछ लो, सबका जवाब लगभग एक जैसा मिलेगा—“पुल बन तो रहा है… लेकिन पता नहीं कब तक बनेगा।” पुराना विक्रमशिला सेतु पहले ही दबाव झेल रहा है। सुबह-शाम जाम लगना अब आम बात हो गई है। ऐसे में जब नए 4-लेन पुल की बात हुई थी, लोगों को लगा था कि अब कुछ राहत मिलेगी। लेकिन अब हालत ये है कि काम चलता दिखता है, फिर भी पूरा होने का कोई साफ अंदाज़ा नहीं है।
जमीन का मामला, काम वहीं अटका
ग्राउंड पर सबसे बड़ी दिक्कत जमीन को लेकर ही रही है।
कहीं कागज़ अटका, कहीं मुआवज़ा—इन सब में महीनों निकल गए। लोग कहते हैं कि कई जगह साइट ही पूरी तरह खाली नहीं थी। अब जब जगह ही क्लियर नहीं होगी, तो मशीन क्या करेगी?
गंगा में काम… उतना आसान नहीं
जो दूर से देखते हैं, उन्हें लगता है कि बस पिलर खड़ा करना है।
लेकिन गंगा में काम अलग ही लेवल का होता है।
पानी का बहाव, गहराई, फिर मानसून—इन सबके बीच काम करना आसान नहीं है। कई बार पूरा महीना निकल जाता है, और प्रोग्रेस उतनी दिखती नहीं।
बारिश आई, काम धीमा
हर साल यही होता है। बारिश शुरू होते ही काम की स्पीड गिर जाती है। मशीनें हटानी पड़ती हैं, सेफ्टी का मुद्दा होता है। यानी जितना प्लान होता है, उतना हो नहीं पाता।
लेकिन लोग कंपनी पर भी सवाल कर रहे
अब सिर्फ ये कह देना कि “परिस्थितियां खराब थीं”, उससे बात खत्म नहीं होती।
लोकल लोगों का सीधा सवाल है: काम की रफ्तार इतनी धीमी क्यों है जितना बड़ा प्रोजेक्ट है, उतनी एक्टिविटी साइट पर दिखती क्यों नहीं? कई लोग तो ये भी कहते हैं कि काम “धीरे-धीरे खींचा जा रहा है।”
ऊपर से साफ जानकारी भी नहीं
सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि किसी के पास क्लियर जवाब नहीं है— कब तक बनेगा?
अभी कितना काम बाकी है? देरी किस वजह से हो रही है? सरकारी तरफ से भी कोई नियमित अपडेट सामने नहीं आता।

असली परेशानी किसकी है?
अंत में झेल कौन रहा है?
आम लोग।
- रोज़ का जाम
- समय की बर्बादी
- एम्बुलेंस तक फंस जाती है कई बार
नया पुल इसलिए चाहिए था कि ये सब कम हो, लेकिन अभी तक स्थिति वही है।
सच यही है
देरी सिर्फ एक वजह से नहीं हो रही। थोड़ा सिस्टम, थोड़ा जमीन, थोड़ा मौसम… और हाँ, काम की स्पीड भी सवाल में है।लेकिन लोगों के लिए इतना समझना जरूरी नहीं है— उन्हें बस पुल चाहिए, और समय पर चाहिए।
आखिर में
भागलपुर इंतज़ार कर रहा है। काम चल रहा है, ये सब देख रहे हैं। अब लोग ये देखना चाहते हैं कि ये काम खत्म कब होता है।






