पटना, 3 सितंबर। बिहार में नदियों का पानी अब लोगों के घरों और खेतों तक पहुंचने लगा है। कई इलाकों में रात-दिन पानी बढ़ने का डर बना हुआ है। कहीं सड़क पर पानी आ गया है तो कहीं नदी के किनारे तेजी से कटाव हो रहा है। रोहतास में कुछ परिवारों को नाव के सहारे सुरक्षित जगह पहुंचाना पड़ा है। भागलपुर में कोसी के पानी से मदरौनी गांव के बड़ी संख्या में घर प्रभावित हुए हैं। पटना के दियारा इलाकों में भी गंगा का पानी निचले हिस्सों में फैल रहा है। जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य की कई नदियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। 2 सितंबर को जारी विभागीय आंकड़ों में अलग-अलग स्टेशनों पर नदियों के जलस्तर को दर्ज किया गया था। विभाग ने तटबंध में कटाव या रिसाव की सूचना तुरंत देने के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया है।
रोहतास में घरों में घुसा पानी, नाव से निकाले गए लोग
रोहतास के सरैयां गांव में सोन नदी का पानी घरों तक पहुंच गया। करीब 50 घरों में पानी घुसने की खबर है। रात में स्थिति बिगड़ने के बाद ग्रामीणों ने नाव की मदद से करीब 100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। पानी बढ़ने से गांव के लोगों के लिए रात काफी मुश्किल रही। यहां परेशानी सिर्फ घरों तक पानी आने की नहीं है। खेतों में पानी भरने से फसल को नुकसान की चिंता भी बनी हुई है। ग्रामीणों के लिए आने-जाने का रास्ता भी प्रभावित हुआ है। भागलपुर में कोसी ने बढ़ाई मुश्किल भागलपुर के मदरौनी गांव में कोसी का पानी बड़ी आबादी को प्रभावित कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब 1500 घर पानी में डूब गए हैं। कुछ परिवार घर की छतों और रेलवे ट्रैक के आसपास ऊंची जगहों पर रहने को मजबूर हैं। गांव में पशुओं के चारे की समस्या भी सामने आई है। मदरौनी में रिंग बांध को लेकर भी ग्रामीणों की पुरानी शिकायत है। उनका कहना है कि बाढ़ के समय हर साल परेशानी सामने आती है और स्थायी समाधान अब भी नहीं हुआ है। पटना के दियारा में घुसा गंगा का पानी पटना के आसपास भी गंगा का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है। बख्तियारपुर के दियारा इलाके के निचले हिस्सों में पानी पहुंच गया है। पांच पंचायतों के कई गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। पानी आने के कारण दियारा क्षेत्र के कुछ स्कूल बंद करने पड़े हैं। दियारा में रहने वाले लोगों की परेशानी इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यहां आने-जाने के साधन सीमित हैं। पानी और बढ़ा तो रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी लोगों को दिक्कत हो सकती है।
पश्चिम चंपारण में गंडक का कटाव , पश्चिम चंपारण में गंडक नदी का पानी और कटाव दोनों परेशानी की वजह बने हुए हैं। नदी के किनारे रहने वाले गांवों में लोगों की नजर लगातार पानी पर है। कुछ जगहों पर कटाव के कारण ग्रामीणों को अपने घर तक सुरक्षित नहीं लग रहे हैं। गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने और नेपाल की तरफ से आने वाले पानी के कारण भी प्रशासन की चिंता बढ़ी हुई है। रिपोर्टों के मुताबिक बैराज से 1,84,400 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। कैमूर में नदियां उफनीं, कई घरों को नुकसान कैमूर के अधौरा इलाके में नदियों के उफान का असर गांवों में दिखाई दिया है। कई मिट्टी के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। घरों में रखा अनाज और सामान भी पानी की चपेट में आया है। कुछ परिवारों को अपने घर छोड़कर दूसरे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। लगातार पानी रहने से खेती और स्कूलों पर भी असर पड़ा है। ग्रामीण इलाकों में पहले से खराब रास्तों की स्थिति और मुश्किल हो गई है। गंगा, कोसी, गंडक और सोन पर नजर बिहार में इस समय सिर्फ एक नदी की वजह से परेशानी नहीं है। गंगा, कोसी, गंडक, सोन और पुनपुन समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार आठ नदियां खतरे के निशान से ऊपर बताई गई हैं और 13 जिलों में बाढ़ का संकट गहराया है। सरकारी आंकड़ों में भी कई इलाकों में नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण सेल की ओर से अलग-अलग स्टेशनों का पानी रिकॉर्ड किया जा रहा है।
सोन बैराज के सभी गेट खोले गए
सोन नदी में पानी बढ़ने के बाद सोन बैराज के सभी 69 गेट खोलने की जानकारी सामने आई है। इसका मकसद बढ़े हुए पानी के दबाव को संभालना है। हालांकि बैराज से नीचे की तरफ रहने वाले इलाकों में भी पानी के असर को लेकर निगरानी रखी जा रही है।
हाजीपुर में घाट तक पहुंचा गंडक का पानी वैशाली के हाजीपुर में गंडक नदी का पानी कोनहारा घाट तक पहुंच गया है। प्रशासन की ओर से माइकिंग कर लोगों को घाट से दूर रहने को कहा जा रहा है। निचले इलाकों के लोगों को भी सतर्क रहने की अपील की गई है। अभी सबसे बड़ा सवाल यही है कि नदियों का पानी आगे बढ़ता है या कम होना शुरू करता है। नेपाल और बिहार के ऊपरी इलाकों में बारिश का असर आने वाले दिनों में नदी के जलस्तर पर पड़ सकता है। फिलहाल प्रशासन की टीमें संवेदनशील इलाकों में निगरानी कर रही हैं। जिन जगहों पर पानी घरों तक पहुंच चुका है, वहां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की जरूरत पड़ रही है। दूसरी तरफ कटाव वाले इलाकों में तटबंधों की निगरानी बढ़ाई गई है। बिहार में इस समय बाढ़ की तस्वीर एक जैसी नहीं है। कहीं पानी घर के आंगन तक पहुंच चुका है, कहीं खेत डूब रहे हैं और कहीं नदी किनारे की जमीन लगातार कट रही है। इसलिए आने वाले कुछ दिन राज्य के लिए अहम रहने वाले हैं।

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