बिहार के मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने प्रशासनिक क्षमता और डिजिटल सुधारों की दिशा में एक नया मानक स्थापित कर दिया है। विभाग ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक राजस्व संग्रह कर 101.86 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है।
निर्धारित 8,250 करोड़ रुपये के मुकाबले कुल 8,403 करोड़ 46 लाख रुपये का राजस्व संग्रह किया गया। अब विभाग ने अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10,000 करोड़ रुपये का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।
रिकॉर्ड तोड़ मार्च: एक दिन में 14,905 दस्तावेज निबंधित
वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने मार्च में विभाग का प्रदर्शन सबसे अधिक प्रभावशाली रहा।
31 मार्च 2026 को एक ही दिन में 14,905 दस्तावेजों का निबंधन किया गया, जिससे 107 करोड़ 74 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
इसके अलावा:
25 मार्च: 80.38 करोड़ रुपये
28 मार्च: 85.06 करोड़ रुपये
29 मार्च: 83.91 करोड़ रुपये
30 मार्च: 94.20 करोड़ रुपये
लगातार कई दिनों तक उच्च स्तर का राजस्व संग्रह विभाग की कार्यक्षमता को दर्शाता है।
डिजिटल बिहार की ओर बड़ा कदम
दस्तावेजों के डिजिटलीकरण में भी तेजी देखी गई है।
1995 से 2026 तक: 2.34 करोड़ दस्तावेज डिजिटल
1908–1994: करीब 5 करोड़ दस्तावेज डिजिटलीकरण लक्ष्य
यह पहल न केवल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने में मदद करेगी, बल्कि आम लोगों के लिए प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाएगी।
महिलाओं के नाम पर बढ़ रहा संपत्ति निबंधन
राज्य में महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीकरण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
7.86 लाख दस्तावेज महिलाओं के नाम
60.89 लाख एकड़ भूमि का अंतरण
यह बदलाव सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
जमीन से जुड़े काम होंगे डिजिटल: नया ऐप तैयार
विभाग अब जमीन से जुड़े कार्यों को और पारदर्शी बनाने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन विकसित कर रहा है।
इस ऐप की खासियतें:
Longitude और Latitude आधारित e-filing
GIS तकनीक से भूमि सत्यापन
मानवीय हस्तक्षेप में कमी
इससे भ्रष्टाचार पर नियंत्रण और प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
शराबबंदी के 10 साल: आंकड़े क्या कहते हैं?
अप्रैल 2016 से मार्च 2026 तक:
कुल मामले: 11.37 लाख
गिरफ्तारियां: 17.18 लाख
देशी शराब बरामद: 2.42 करोड़ बल्क लीटर
विदेशी शराब बरामद: 2.40 करोड़ बल्क लीटर
ये आंकड़े बताते हैं कि राज्य में शराबबंदी कानून को लागू करने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की गई है।
ड्रोन और चेक पोस्ट से निगरानी मजबूत
तकनीक का उपयोग करते हुए निगरानी को और प्रभावी बनाया गया है:
1.64 लाख ड्रोन आधारित छापेमारी
84 चेक पोस्ट पर 1.78 लाख मामले दर्ज
2.92 लाख गिरफ्तारियां
जब्त शराब और वाहन पर कार्रवाई
98% जब्त शराब नष्ट
1.67 लाख वाहन जब्त
80,000+ वाहनों की नीलामी
यह दर्शाता है कि कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रही, बल्कि जमीन पर भी लागू हुई है।निबंधन विभाग का यह प्रदर्शन केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं है। डिजिटलाइजेशन, तकनीकी सुधार और सख्त प्रशासनिक कदमों के जरिए बिहार एक अधिक पारदर्शी और संगठित सिस्टम की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। आने वाला वित्तीय वर्ष इस बात की परीक्षा होगा कि क्या विभाग 10,000 करोड़ के नए लक्ष्य को भी पार कर पाता है या नहीं।









