झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए चुनाव के नतीजे गुरुवार को घोषित कर दिए गए। चुनाव में एक सीट पर एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने जीत हासिल की, जबकि दूसरी सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम के खाते में गई। हालांकि चुनाव परिणामों से ज्यादा चर्चा क्रॉस वोटिंग को लेकर रही। राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर किस खेमे के विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया।
परिमल नाथवानी को मिले उम्मीद से ज्यादा वोट
झारखंड विधानसभा में एनडीए के कुल 24 विधायक हैं, लेकिन एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को 28 वोट मिले। ऐसे में माना जा रहा है कि उन्हें विपक्षी खेमे से भी समर्थन मिला। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को केवल 20 वोट ही प्राप्त हुए और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। झारखंड मुक्ति मोर्चा के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने 30 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। चुनाव अधिकारियों के अनुसार तीन मत अमान्य पाए गए, जिनमें दो वोट भाजपा और एक वोट कांग्रेस के बताए जा रहे हैं।
क्या था विधानसभा का गणित?
झारखंड विधानसभा में एनडीए के पास 24 विधायक हैं, जिनमें:
- भाजपा – 21 विधायक
- आजसू पार्टी – 1 विधायक
- जेडीयू – 1 विधायक
- लोजपा (रामविलास) – 1 विधायक
वहीं, INDIA गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं, जिनमें:
- JMM – 34
- कांग्रेस – 16
- राजद – 4
- CPI(ML) – 2
राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए 28 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत थी।
चुनाव से पहले होटल में ठहराए गए थे NDA विधायक
मतदान से दो दिन पहले एनडीए ने अपने विधायकों को रांची के एक होटल में ठहराया था। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि मतदान के दिन सभी 24 एनडीए विधायक एक साथ विधानसभा पहुंचे और मतदान किया।
दो सीटें क्यों हुई थीं खाली?
राज्यसभा की एक सीट झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन के बाद खाली हुई थी। दूसरी सीट भाजपा सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल 21 जून को समाप्त होने के कारण रिक्त हुई। फिलहाल, चुनाव परिणाम आने के बाद झारखंड की राजनीति में क्रॉस वोटिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि किस दल के विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया, इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।











