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UNGA का ‘नया वर्ल्ड मैप’ प्रस्ताव पास, 164 देशों ने किया समर्थन; भारत ने भी दिया वोट

UNGA ने ‘Correct the Map’ प्रस्ताव को 164 देशों के समर्थन से मंजूरी दी। भारत ने भी समर्थन किया। जानिए नए World Map, Mercator Projection और भारत के रुख से जुड़ी पूरी जानकारी।

दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने दुनिया के नक्शे में देशों और महाद्वीपों के आकार को अधिक वास्तविक रूप में दिखाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 4 सितंबर 2026 को महासभा ने ‘Correct the Map’ प्रस्ताव को भारी बहुमत से मंजूरी दी। प्रस्ताव के पक्ष में 164 देशों ने मतदान किया, जबकि अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट दिया जबकि एस्टोनिया, जॉर्जिया, लिथुआनिया, मोल्दोवा, सर्बिया और यूक्रेन मतदान से अलग रहे।

क्या है ‘Correct the Map’ प्रस्ताव?

इस प्रस्ताव का उद्देश्य दुनिया के मौजूदा नक्शों में दिखाई देने वाली क्षेत्रफल संबंधी असमानता को कम करना है। खास तौर पर लंबे समय से इस्तेमाल होने वाले Mercator Projection में भूमध्य रेखा के पास स्थित अफ्रीका, दक्षिण एशिया और लैटिन अमेरिका अपेक्षाकृत छोटे दिखाई देते हैं, जबकि उत्तरी हिस्सों के देश वास्तविक आकार से काफी बड़े नजर आते हैं। 

UN के प्रस्ताव में Equal Area प्रकार के नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इनमें महाद्वीपों और देशों के क्षेत्रफल का अनुपात ज्यादा सही तरीके से दिखाया जाता है। Equal Earth Projection को भी ऐसे विकल्प के रूप में उल्लेखित किया गया है। 

पुराने Mercator Map में क्या समस्या है?

Mercator Projection को 1569 में समुद्री नेविगेशन के लिए विकसित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य दिशाओं को उपयोगी तरीके से दिखाना था, लेकिन इसके कारण ध्रुवों के पास के इलाके बहुत बड़े दिखाई देते हैं।

उदाहरण के लिए, पुराने नक्शे में ग्रीनलैंड का आकार अफ्रीका के काफी करीब दिखाई देता है, जबकि वास्तविक क्षेत्रफल में अफ्रीका ग्रीनलैंड से कई गुना बड़ा है। 

भारत ने क्या कहा?

भारत ने UNGA के प्रस्ताव का समर्थन किया है। हालांकि भारत ने यह स्पष्ट किया कि उसका समर्थन किसी एक खास नक्शे को अनिवार्य बनाने के लिए नहीं है।

भारत के प्रतिनिधि ने कहा कि प्रस्ताव को Equal Area map projections के व्यापक इस्तेमाल और विचार के समर्थन के रूप में समझा जाना चाहिए, न कि केवल Equal Earth Projection को अपनाने के समर्थन के रूप में। भारत का कहना है कि अलग-अलग उद्देश्यों के लिए अलग-अलग map projections की जरूरत हो सकती है।।

क्या भारत का नक्शा या सीमा बदलेगी?

नहीं। यह प्रस्ताव भारत की सीमा, किसी विवादित क्षेत्र की कानूनी स्थिति या किसी देश की राजनीतिक सीमा को नहीं बदलता। इसका संबंध मुख्य रूप से इस बात से है कि दुनिया के महाद्वीपों और उनके क्षेत्रफल को नक्शे पर किस तरह दिखाया जाए।

पाकिस्तान ने भी प्रस्ताव के समर्थन के दौरान स्पष्ट किया कि यह पहल देशों की राजनीतिक सीमाओं या विवादित क्षेत्रों की कानूनी स्थिति को नहीं बदलती।

अमेरिका ने क्यों किया विरोध?

अमेरिका इस प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करने वाला एकमात्र देश रहा। अमेरिकी प्रतिनिधि ने तर्क दिया कि संयुक्त राष्ट्र को 16वीं सदी के नक्शे और उससे जुड़े मुद्दों के बजाय वैश्विक शांति, समृद्धि और अन्य महत्वपूर्ण चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए ( जबकि विश्व में अशांति का मुख कारण अमेरिका ही है )

क्या अब Google और स्कूलों में नया नक्शा अनिवार्य होगा?

ऐसा नहीं है। UNGA का यह प्रस्ताव कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। इसका उद्देश्य देशों, शिक्षण संस्थानों और अन्य संस्थाओं को अधिक सटीक क्षेत्रफल दिखाने वाले नक्शों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसलिए पुराने Mercator नक्शे का इस्तेमाल तुरंत खत्म नहीं होगा

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Saket

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