नई दिल्ली: दिल्ली में 11 से 13 सितंबर तक होने वाले BRICS सम्मेलन का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही पर भी दिखाई देने लगा है। राजधानी में विदेशी मेहमानों और वीआईपी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। इसी बीच 12 सितंबर को होने वाली नेशनल लोक अदालत को भी स्थगित कर दिया गया है। अब यह लोक अदालत 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित की जाएगी।दूसरी ओर, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सम्मेलन को देखते हुए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। कई प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक की आवाजाही प्रभावित हो सकती है और जरूरत के हिसाब से रास्तों पर डायवर्जन भी लगाया जाएगा। ऐसे में अगर आप इस सप्ताह दिल्ली में सफर करने वाले हैं तो घर से निकलने से पहले अपना रूट जरूर जांच लें। 12 सितंबर को प्रस्तावित नेशनल लोक अदालत अब उस दिन नहीं होगी। BRICS सम्मेलन के कारण सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में होने वाले बदलावों को देखते हुए इसकी तारीख आगे बढ़ा दी गई है। अब लोक अदालत 10 अक्टूबर 2026 को होगी। जिन लोगों ने 12 सितंबर की तारीख को ध्यान में रखते हुए अपने मामलों की तैयारी की थी, उन्हें नई तारीख के अनुसार आगे की प्रक्रिया देखनी होगी। लोक अदालत में आम तौर पर ऐसे मामलों का निपटारा आपसी सहमति से करने की कोशिश की जाती है, जिनमें संबंधित पक्ष समझौते के लिए तैयार हों। इसलिए जिन लोगों का मामला इस सुनवाई से जुड़ा है, उनके लिए नई तारीख को ध्यान में रखना जरूरी है।
BRICS सम्मेलन के कारण बदली व्यवस्था
BRICS सम्मेलन राजधानी के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय आयोजन है। इसमें कई देशों के शीर्ष नेता और प्रतिनिधिमंडल हिस्सा ले रहे हैं। विदेशी मेहमानों की सुरक्षा और उनके आने-जाने के लिए दिल्ली पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। सम्मेलन के दौरान वीआईपी काफिलों की आवाजाही के समय कुछ सड़कों पर ट्रैफिक को थोड़ी देर के लिए रोका जा सकता है। कुछ जगहों पर वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर भेजा जाएगा। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ सकता है जो रोजाना काम, पढ़ाई या दूसरे जरूरी कामों के लिए इन रास्तों से गुजरते हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की एडवाइजरी के मुताबिक नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य दिनों से अलग रह सकती है। भारत मंडपम और उसके आसपास के इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। वीआईपी मूवमेंट के दौरान स्थिति के अनुसार ट्रैफिक को नियंत्रित किया जाएगा। इसका मतलब यह है कि किसी सड़क पर सामान्य आवाजाही हो सकती है, लेकिन प्रतिनिधिमंडल के गुजरने के समय कुछ देर के लिए यातायात रोका जा सकता है। इसलिए लोगों को सलाह दी गई है कि वे सिर्फ एक रास्ते पर निर्भर न रहें और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।
एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वालों के लिए खास सलाह
अगर आपको इन दिनों फ्लाइट या ट्रेन पकड़नी है तो यात्रा के लिए सामान्य से ज्यादा समय लेकर निकलना बेहतर रहेगा। ट्रैफिक डायवर्जन या वीआईपी मूवमेंट के कारण रास्ते में देरी हो सकती है। एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को खास तौर पर समय का ध्यान रखने की सलाह दी गई है। इसी तरह नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन जाने वालों को भी अपनी यात्रा पहले से प्लान करनी चाहिए। जहां संभव हो, मेट्रो का इस्तेमाल सड़क के ट्रैफिक से बचने का आसान विकल्प हो सकता है। हालांकि यात्रा से पहले संबंधित रूट का ताजा अपडेट देख लेना बेहतर रहेगा। BRICS सम्मेलन के दौरान सड़क पर निकलने वाले लोगों को ट्रैफिक पुलिस के निर्देशों का पालन करना होगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरत संवेदनशील और वीआईपी रूट वाले इलाकों में जाने से बचें। निजी वाहन से निकलने से पहले ट्रैफिक अपडेट देखना सबसे जरूरी है। अगर आपके पास वैकल्पिक रास्ता है तो उसे पहले से तय कर लें। सड़क पर किसी तरह का डायवर्जन मिलने पर ट्रैफिक पुलिस के निर्देश के अनुसार आगे बढ़ें। गलत जगह वाहन पार्क करने से भी परेशानी हो सकती है। इसलिए गाड़ी निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़ी करें।
BRICS सम्मेलन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा कड़ी रहेगी। इसलिए अगले कुछ दिनों में अचानक ट्रैफिक बदलने या किसी रास्ते पर रोक लगने की स्थिति बन सकती है। अगर यात्रा जरूरी है तो घर से निकलने से पहले ट्रैफिक की स्थिति देख लें और थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर चलें। खासकर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली की तरफ जाने वालों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं, 12 सितंबर की लोक अदालत में जाने की तैयारी कर रहे लोगों को अब 10 अक्टूबर 2026 की नई तारीख याद रखनी होगी। BRICS सम्मेलन खत्म होने के बाद लोक अदालत की प्रक्रिया संशोधित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी।

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