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C. P. Radhakrishnan चंद्रपुरम पोनुसामी राधाकृष्णन बने भारत के 15वें उपराष्ट्रपति, 152 वोटों से जीत

एनडीए उम्मीदवार चंद्रपुरम पोनुसामी राधाकृष्णन को भारत का 15वां उपराष्ट्रपति चुना गया है। उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों के अंतर से हराया।

परिणाम और वोटों का गणित

  • राधाकृष्णन को 452 वोट मिले।
  • रेड्डी को 300 वोट मिले।
  • कुल 752 वैध वोट डाले गए, जिनमें से 15 अमान्य पाए गए।

एनडीए के पास पहले से 427 सांसदों का समर्थन था, साथ ही वाईएसआरसीपी और कुछ छोटे दलों ने भी वोट दिया। इस वजह से राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही थी।

विपक्ष की उम्मीदों को झटका

विपक्षी दलों ने दावा किया था कि उन्हें कम से कम 320 वोट मिलेंगे, लेकिन अंततः केवल 300 वोट ही मिल सके। अमान्य वोटों में ज्यादातर विपक्षी सांसदों के होने की बात कही जा रही है।

बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया

बीजेपी ने इसे अपनी अपेक्षा से बड़ी जीत बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि कुछ विपक्षी सांसदों ने या तो क्रॉस-वोटिंग की या अपने वोट जानबूझकर अमान्य कर दिए।
बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने कहा, “राधाकृष्णनजी की निष्पक्षता और प्रशासनिक अनुभव से कई विपक्षी सांसद प्रभावित हुए।”

विपक्ष की ओर से बयान

हालांकि कांग्रेस और अन्य दलों ने इसे “विचारधारा की लड़ाई” बताया। बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा, “नतीजा हमारे पक्ष में नहीं आया, लेकिन लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हमारी आस्था बनी रहेगी।”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उम्मीद जताई कि नए उपराष्ट्रपति संसदीय परंपराओं को बनाए रखेंगे और विपक्ष को भी सम्मानजनक स्थान देंगे।

राधाकृष्णन का राजनीतिक सफर

  • राधाकृष्णन दो बार तमिलनाडु के कोयंबटूर से लोकसभा सांसद रह चुके हैं।
  • वे महाराष्ट्र और झारखंड के राज्यपाल भी रह चुके हैं।
  • लंबे समय से आरएसएस और बीजेपी से जुड़े रहे हैं।

नेताओं ने दी बधाई

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि उनका अनुभव देश की प्रगति में सहायक होगा।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे “संवैधानिक मूल्यों को और मजबूत करेंगे”
  • गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राधाकृष्णन की “नींव से उठकर बने नेतृत्व क्षमता” लोकतंत्र को और सशक्त करेगी।
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Mission Aditya
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Founder – KhabarX Building an independent media platform where facts matter more than noise. Amplifying unheard stories, questioning silence, and creating journalism powered by truth, technology, and the next generation of changemakers.

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