Advertisement

अनुच्छेद 370 से नक्सलवाद तक, अमित शाह ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां

अमित शाह ने अनुच्छेद 370, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर को लेकर मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने J&K में अलगाववाद और आतंकवाद में कमी का दावा किया।

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर सरकार के कामकाज और उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर में उग्रवाद को देश के सामने रही प्रमुख चुनौतियां बताते हुए कहा कि पिछले वर्षों में इन क्षेत्रों में बड़ा बदलाव आया है।अमित शाह ने कहा कि 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अलगाववाद की भावना में काफी कमी आई है। उन्होंने दावा किया कि आतंकवाद से जुड़े आंकड़े लगातार नीचे जा रहे हैं और जम्मू-कश्मीर विकास की ओर बढ़ रहा है।। गृह मंत्री के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर और देश के बाकी हिस्सों के बीच जो मानसिक दूरी थी, उसे कम करने की दिशा में भी प्रयास किए गए हैं। उन्होंने इसे केंद्र सरकार की आंतरिक सुरक्षा और एकीकरण की नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया हैं।

नक्सलवाद पर अमित शाह का बड़ा दावा

अमित शाह ने नक्सलवाद को लेकर कहा कि पांच दशक पुरानी यह समस्या अब अतीत की हो गई हैं उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने तिरुपति से पशुपतिनाथ तक ‘रेड कॉरिडोर’ बनाने का सपना देखा था, उनमें से कई लोगों ने हथियार डाल दिए हैं, आत्मसमर्पण किया है और मुख्यधारा में लौटने की दिशा में कदम बढ़ाया है।  सरकार की ओर से पिछले कुछ वर्षों में नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के साथ-साथ सड़क, मोबाइल नेटवर्क, स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाया गया है।

नॉर्थ-ईस्ट में 11 हजार युवाओं के हथियार छोड़ने का दावा गृह मंत्री ने पूर्वोत्तर की स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि करीब 11,000 युवाओं ने हथियार छोड़े हैं और केंद्र सरकार ने विभिन्न सशस्त्र संगठनों के साथ 14 से अधिक समझौते किए हैं। शाह के अनुसार, इन समझौतों और शांति प्रक्रिया के चलते पूर्वोत्तर में हिंसा कम हुई है और क्षेत्र विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार ने पिछले वर्षों में अलग-अलग उग्रवादी संगठनों के साथ शांति समझौते किए हैं।  सरकार के सामने तीन बड़ी चुनौतियां अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के समय देश के सामने आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी तीन बड़ी चुनौतियां थीं—जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर में सशस्त्र समूहों की समस्या। उनके अनुसार, केंद्र सरकार ने सुरक्षा अभियानों के साथ बातचीत, शांति समझौतों और विकास को भी रणनीति का हिस्सा बनाया।

Share This Article
S
Saket

Employee ID: KMP3108004 Bio: मुझे खबरों को करीब से समझना और उन्हें आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना पसंद है। KhabarX के साथ मैं खास तौर पर रोज़मर्रा की घटनाओं और महत्वपूर्ण खबरों पर काम करता हूं। मेरी कोशिश रहती है कि खबर में जानकारी साफ हो और पाठकों को जरूरी बात सीधे समझ आए।

You Might Read: राघव चड्ढा का नाम पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से गायब, AAP पर लगाए राजनीतिक बदले के आरोप

Leave a Comment