नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव एक बार फिर तेज हो गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने मंगलवार को बताया कि अमेरिकी सेना ने पांच ईरानी कच्चे तेल के टैंकरों को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई ईरान की ओर से एक अमेरिकी नौसैनिक युद्धपोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की कोशिश के बाद की गई।
अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश
CENTCOM के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने लगातार दो दिनों में एक अमेरिकी नौसैनिक जहाज पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले की कोशिश की। अमेरिकी सेना का कहना है कि युद्धपोत इन हमलों से बच गया और किसी अमेरिकी सैनिक के घायल होने की सूचना नहीं है। इसके बाद अमेरिका ने ईरानी तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई की। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हमले से पहले टैंकरों के चालक दल को जहाज खाली करने के लिए कहा गया था। इसके बाद पांचों जहाजों को निशाना बनाया गया।
कौन-कौन से टैंकर निशाने पर आए?
CENTCOM के अनुसार, कार्रवाई में Kivik, Charminar, Horizon 1, Riesco और Derya नाम के पांच जहाज शामिल थे। इनमें कुछ जहाजों को Gulf of Oman में और एक को Kharg Island के पास Strait of Hormuz क्षेत्र में निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है।
यह पहली बार नहीं है जब हाल के दिनों में अमेरिका ने ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाया है। इससे पहले 5 सितंबर को अमेरिकी सेना ने तीन ईरानी तेल टैंकरों के खिलाफ भी कार्रवाई की थी।
ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने पर किया जवाबी हमला
अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, ईरान ने जॉर्डन में अल-अजराक के पास अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। हालांकि, जॉर्डन ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 20 में से 18 मिसाइलों को रोक दिया, जबकि दो मिसाइलें आबादी से दूर इलाकों में गिरीं। जॉर्डन के मुताबिक इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ा खतरा
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं है। Strait of Hormuz को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अमेरिका द्वारा ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने और ईरान की ओर से क्षेत्र में तेल परिवहन को निशाना बनाने की धमकियों के बीच वैश्विक तेल बाजार पर भी दबाव बढ़ा है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क Brent crude की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई।
अमेरिका-ईरान संघर्ष में लगातार बढ़ रहा तनाव
पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच हमले और जवाबी हमले तेज हुए हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि उसकी कार्रवाई ईरानी हमलों के जवाब में की जा रही है, जबकि ईरान भी अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों के ठिकानों को निशाना बना रहा है।
इस ताजा घटनाक्रम ने मध्य पूर्व में संघर्ष के और फैलने की आशंका बढ़ा दी है। खासकर तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर इसका असर पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है।

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