नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट का मामला एक बार फिर चर्चा में है। स्वतंत्र भारद्वाज पर इस मामले में हमला करने का आरोप है। हाल में सामने आए एक पॉडकास्ट वीडियो के बाद CJP नेताओं और समर्थकों ने दिल्ली के संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी और FIR में कड़ी धाराएं जोड़ने की मांग की।
संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन
शुक्रवार को CJP नेताओं और समर्थकों ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में CJP नेताओं के अलावा सांसद चंद्रशेखर आजाद और पप्पू यादव के शामिल होने की भी खबर है। प्रदर्शनकारियों ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के साथ-साथ मामले में SC/ST एक्ट समेत अन्य कड़ी धाराएं लगाने की मांग की। �
क्या है पूरा मामला?
यह मामला जून 2026 में जंतर-मंतर पर हुए CJP के प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार को सिर में चोट लगी थी। इस घटना को लेकर पुलिस में शिकायत और FIR दर्ज की गई थी। बाद में स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़ा एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद विवाद दोबारा तेज हो गया।CJP का आरोप है कि वायरल वीडियो में भारद्वाज ने संजय कुमार पर हमले की बात कही और राजनीतिक पहुंच का हवाला दिया। हालांकि, इन दावों और वीडियो में कही गई बातों की कानूनी पुष्टि जांच का विषय है। भारद्वाज की ओर से मामले में सेल्फ-डिफेंस का दावा किए जाने की भी रिपोर्ट हैं।
FIR में SC/ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं
प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की FIR में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act की संबंधित धाराएं जोड़ने की बात कही। पुलिस ने संजय कुमार की दोबारा मेडिकल जांच कराने की भी बात कही है, ताकि चोट की गंभीरता के आधार पर अन्य धाराओं को लेकर फैसला किया जा सके।
CJP की ओर से हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा लगाने की भी मांग की गई है। पुलिस का कहना है कि इस संबंध में मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने राजनीतिक दबाव के आरोपों से किया इनकार
इस मामले में राजनीतिक संरक्षण के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने जांच में किसी तरह के राजनीतिक हस्तक्षेप से इनकार किया है। पुलिस के मुताबिक मामला दर्ज करने के बाद आरोपियों से पूछताछ की गई और जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर क्या अपडेट है?
4 सितंबर की रिपोर्टों के मुताबिक, CJP के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी को लेकर प्रतिनिधिमंडल को 72 घंटे के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया था। बाद की रिपोर्टों में उनके उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
इसलिए अब मामला सिर्फ गिरफ्तारी की मांग तक सीमित नहीं है। FIR में नई धाराएं जुड़ने और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर भी नजर है।
आगे क्या होगा?
अब जांच में यह देखा जाएगा कि वायरल वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का मामले पर क्या असर पड़ता है। साथ ही संजय कुमार की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस यह तय करेगी कि और कौन-सी धाराएं लागू होती हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले में आरोपों और पुलिस जांच को अलग-अलग रखना जरूरी है। स्वतंत्र भारद्वाज पर लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

Leave a Comment