सोना फिर $4,500 के करीब, Fed के फैसले पर टिकी नजर; कमजोर डॉलर ने भी दिया सहारा

सोने की कीमत एक बार फिर 4,500 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई है। गुरुवार को करीब 2 फीसदी की तेजी के बाद शुक्रवार को भी bullion में मजबूती बनी रही। अब बाजार की नजर अमेरिका के रोजगार आंकड़ों पर है। इसके बाद अगले हफ्ते आने वाले महंगाई के आंकड़े भी यह तय करने में अहम होंगे कि सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाता है। शुक्रवार के कारोबार में XAU/USD करीब 0.3 फीसदी बढ़कर 4,484.27 डॉलर प्रति औंस पर था। Gold Futures करीब 4,530 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहे थे। चांदी करीब 65.8 डॉलर और प्लैटिनम करीब 1,775 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर था। सोने को फिलहाल दो चीजों से सहारा मिल रहा है—अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और ब्याज दरों को लेकर बाजार की बदलती उम्मीदें। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारी क्रिस्टोफर वालर के बयान के बाद ब्याज दरों को लेकर बाजार की तस्वीर कुछ बदली है। वालर ने कहा कि अगर आने वाले आंकड़े महंगाई में लगातार नरमी की पुष्टि करते हैं तो वह सितंबर की बैठक में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने के समर्थन में हो सकते हैं। हालांकि उन्होंने दर बढ़ाने की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया। उनका कहना था कि अगर महंगाई का दबाव फिर बढ़ता है तो फैसला अलग हो सकता है। यही वजह है कि अब अमेरिकी आर्थिक आंकड़े सोने के लिए खास मायने रखते हैं। बाजार इस बात को समझने की कोशिश कर रहा है कि फेड इस महीने दरों में कोई बदलाव करेगा या नहीं। ब्याज दरों में कमी की उम्मीद आम तौर पर सोने के लिए अच्छी मानी जाती है। वजह सीधी है—सोने से ब्याज नहीं मिलता। ऐसे में जब ब्याज देने वाले निवेशों पर मिलने वाला रिटर्न कम होने की संभावना बनती है तो सोना निवेशकों के लिए ज्यादा आकर्षक हो सकता है। सोने की कीमत को डॉलर की चाल से भी मदद मिली है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स करीब 99.4 के स्तर पर था। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर कमजोर होने पर दूसरी मुद्राओं में खरीदने वाले निवेशकों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता पड़ सकता है। इससे इसकी मांग को सहारा मिल सकता है। हालिया कारोबार में जापानी येन में भी मजबूती देखने को मिली। गुरुवार को येन करीब 2 फीसदी मजबूत हुआ, जिससे डॉलर पर दबाव बढ़ा। अब शुक्रवार को आने वाली अमेरिका की Nonfarm Payrolls Report बाजार की अगली बड़ी परीक्षा है। रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर आते हैं तो फेड के लिए ब्याज दरों में नरमी की गुंजाइश को लेकर बाजार की उम्मीद बढ़ सकती है। दूसरी ओर, अगर रोजगार बाजार मजबूत दिखाई देता है और महंगाई भी ऊंची रहती है तो फेड के सामने दरों में बदलाव करने की मजबूरी कम हो सकती है। अगले हफ्ते आने वाले inflation data से तस्वीर और साफ हो सकती है। यानी फिलहाल सोने के कारोबारियों के लिए सिर्फ सोने का अपना चार्ट देखना काफी नहीं है। अमेरिका के रोजगार, महंगाई और ब्याज दरों से जुड़े आंकड़े सीधे कीमत को प्रभावित कर सकते हैं।

इस हफ्ते की गिरावट से सोने ने की वापसी

सोना अभी जिस स्तर पर है, वहां तक पहुंचने का सफर सीधा नहीं रहा। इसी हफ्ते की शुरुआत में bullion करीब 4,282 डॉलर प्रति औंस तक गिर गया था। यह लगभग चार हफ्तों का निचला स्तर था। गुरुवार को करीब 2 फीसदी की तेजी के साथ सोने ने उस नुकसान की भरपाई शुरू की और शुक्रवार को भी मजबूती बनी रही। तकनीकी स्तर पर भी 200-day moving average चर्चा में है। सोना पिछले सप्ताह इस स्तर के नीचे चला गया था, जिससे short-term trend पर दबाव बढ़ा था। हालांकि बाजार विश्लेषक Tony Sycamore के मुताबिक इससे सोने की medium-term तस्वीर पूरी तरह नहीं बदली है। उनके मुताबिक जून के आखिर में बने करीब 3,942 डॉलर के निचले स्तर के ऊपर सोने का टिके रहना अभी भी अहम है। सोने की चाल पर Middle East की स्थिति का भी असर बना हुआ है। क्षेत्र में तनाव बढ़ने के दौरान तेल की कीमतों में तेजी आई थी। इससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ी और बाजार में ब्याज दरों को लेकर अलग-अलग अनुमान बनने लगे। अब energy prices का दबाव कुछ कम हुआ है। इससे महंगाई की तत्काल चिंता में भी कुछ राहत मिली है। लेकिन Middle East में घटनाक्रम तेजी से बदल सकता है। अगर तनाव फिर बढ़ता है और तेल की कीमतों पर असर पड़ता है तो इसका असर एक बार फिर महंगाई और फेड की नीति पर पड़ सकता है। इसका मतलब यह भी है कि सोने के निवेशकों के लिए यह जोखिम अभी खत्म नहीं हुआ है।

आगे क्या देख रहा है बाजार?

फिलहाल 4,500 डॉलर का स्तर सोने के लिए एक अहम मनोवैज्ञानिक स्तर बना हुआ है। इसके आसपास कारोबार के दौरान अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और डॉलर की चाल पर बाजार की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी। आने वाले दिनों में तीन चीजें खास तौर पर देखी जाएंगी—अमेरिकी रोजगार आंकड़े, महंगाई का डेटा और फेड की ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें। सोने की हालिया तेजी से यह जरूर दिखा है कि कुछ दिन पहले आई तेज गिरावट के बाद खरीदार वापस आए हैं। लेकिन आगे की दिशा को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। इसलिए मौजूदा स्तर पर सोने को लेकर किसी एकतरफा तेजी या गिरावट का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। अगले कुछ कारोबारी सत्रों में अमेरिकी आंकड़े और डॉलर की चाल बाजार को नई दिशा दे सकते हैं।

Source: Investing.com | Market data

नोट: यह खबर निवेश सलाह नहीं है। सोने और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियों में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है।

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