NEET: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 के पुनर्परीक्षण (Re-Exam) को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक मजबूत कर दिया है। 3 मई को आयोजित परीक्षा के पेपर लीक विवाद के बाद रद्द हुई परीक्षा अब 21 जून 2026 को दोबारा आयोजित की जाएगी। 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए NTA, शिक्षा मंत्रालय और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
20 दिनों से आइसोलेशन में हैं पेपर तैयार करने वाले विशेषज्ञ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NEET 2026 के नए प्रश्नपत्र तैयार करने के लिए शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों की एक विशेष टीम लगभग 20 दिन पहले गठित की गई थी। इस टीम को पूरी तरह से बाहरी दुनिया से अलग रखा गया है।
सुरक्षा के तहत लगाए गए प्रतिबंध
- मोबाइल फोन का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित
- इंटरनेट और डिजिटल संचार की अनुमति नहीं
- बाहरी व्यक्तियों से संपर्क सीमित
- लगातार निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था
बताया जा रहा है कि यह व्यवस्था परीक्षा सम्पन्न होने तक जारी रहेगी ताकि किसी भी प्रकार की जानकारी बाहर न जा सके।
प्रश्नपत्र पहुंचाने की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना को
इस बार NTA ने प्रश्नपत्रों के परिवहन की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना (IAF) को सौंपी है। सूत्रों के अनुसार, प्रश्नपत्रों को देशभर के परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित तरीके से पहुंचाने के लिए विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल अपनाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को और मजबूत करेगा।
देशभर में तैनात होंगे 5 लाख सुरक्षा कर्मी
परीक्षा के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगभग 5 लाख सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
इनमें शामिल होंगे:
- राज्य पुलिस बल
- केंद्रीय अर्धसैनिक बल
- स्थानीय प्रशासनिक टीमें
- परीक्षा निगरानी अधिकारी
हर परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा की कई परतें लागू की जाएंगी।
AI कैमरों से होगी निगरानी
NTA इस बार तकनीक का भी व्यापक उपयोग कर रही है।
नई निगरानी व्यवस्था में शामिल:
- AI-सक्षम CCTV कैमरे
- रियल-टाइम मॉनिटरिंग
- सोशल मीडिया सर्विलांस
- संदिग्ध गतिविधियों की डिजिटल ट्रैकिंग
अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी अफवाह, फर्जी प्रश्नपत्र या लीक की कोशिश को तुरंत रोका जा सके।

पहले से मौजूद व्यवस्था क्यों हुई फेल?
आमतौर पर NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में कई प्रश्नपत्र सेट तैयार किए जाते हैं।
प्रक्रिया के तहत:
- अलग-अलग विशेषज्ञ टीमें पेपर तैयार करती हैं।
- कई प्रश्नपत्र सेट बनाए जाते हैं।
- अंतिम समय तक यह गोपनीय रखा जाता है कि कौन सा सेट इस्तेमाल होगा।
इसके बावजूद इस वर्ष पेपर लीक के आरोप सामने आए, जिससे पूरी व्यवस्था पर सवाल उठे।
CBI जांच में सामने आया विषय विशेषज्ञ का नाम
पेपर लीक मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। जांच के दौरान पी.वी. कुलकर्णी (PV Kulkarni) का नाम सामने आया, जो कथित तौर पर कई वर्षों से NTA के साथ विषय विशेषज्ञ के रूप में जुड़े रहे थे। CBI का आरोप है कि उन्हें NEET के कई प्रश्नपत्र सेटों तक पहुंच प्राप्त थी। मामले में CBI ने कुलकर्णी को गिरफ्तार भी किया है और आगे की जांच जारी है।
क्यों महत्वपूर्ण है 21 जून का री-एग्जाम?
NEET भारत में MBBS, BDS और अन्य मेडिकल कोर्सों में प्रवेश का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार है। पेपर लीक विवाद के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे। ऐसे में 21 जून को होने वाला पुनर्परीक्षण केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि NTA की साख और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता की भी परीक्षा माना जा रहा है।
NEET 2026 Re-Exam Date Sheet
NTA द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, NEET 2026 पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 (रविवार) को आयोजित की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहले पहुंचें और सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।











