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NEET: बीजेपी-कांग्रेस की खींचतान के बीच कोटा की मांग: हमें पढ़ने दीजिए

On: June 17, 2026 12:13 PM
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NEET विवाद के बीच राहुल गांधी का कोटा दौरा: छात्र और कोचिंग संस्थान राजनीति से दूरी चाहते हैंNEET विवाद के बीच राहुल गांधी का कोटा दौरा: छात्र और कोचिंग संस्थान राजनीति से दूरी चाहते हैं NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में बढ़ते गुस्से के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के मुद्दों पर अभियान शुरू करने के लिए कोटा पहुंचे हैं। हालांकि, छात्रों, अभिभावकों और कोचिंग संस्थानों का कहना है कि उनकी प्राथमिकता फिलहाल 21 जून को होने वाली NEET री-टेस्ट परीक्षा है, न कि राजनीतिक कार्यक्रम। राहुल गांधी ने अपने दौरे से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि “पेपर लीक, परीक्षा में कुप्रबंधन, रद्द हुई भर्तियों, बढ़ते खर्च, निजीकरण और घोटालों ने लाखों युवाओं के सपनों को तोड़ दिया है।उन्होंने कहा कि देशभर के छात्रों की आवाज़ को कोटा में एक मजबूत संदेश के रूप में सामने लाया जाएगा और सरकार को जवाबदेह बनाना होगा।

अभिभावकों की नाराज़गी

नोएडा की रहने वाली 42 वर्षीय साधना, जो अपनी बेटी के साथ कोटा में हैं, ने कहा कि विरोध प्रदर्शन का स्वागत है, लेकिन यह बहुत देर से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “अगर कांग्रेस और राहुल गांधी को छात्रों की इतनी चिंता थी, तो परीक्षा रद्द होने के तुरंत बाद आंदोलन शुरू करना चाहिए था। परीक्षा से चार दिन पहले मैं अपने बच्चे को किसी राजनीतिक सभा में नहीं भेजूंगी।” मध्य प्रदेश की रहने वाली विमला चौबे ने भी कहा कि पेपर लीक ने छात्रों को मानसिक रूप से प्रभावित किया है, लेकिन उनका ध्यान केवल पढ़ाई पर है। उन्होंने कहा, हम अपने बच्चों को राजनीति में भाग लेने के लिए नहीं, बल्कि पढ़ाई करने के लिए कोटा भेजते हैं।राहुल गांधी के दौरे को लेकर भाजपा ने विरोध प्रदर्शन किया और इसे “राजनीतिक ड्रामा” बताया। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल ने आरोप लगाया कि सरकार पहले ही पेपर लीक मामले में कार्रवाई कर चुकी है और री-टेस्ट से ठीक पहले छात्रों को राजनीतिक कार्यक्रम में बुलाना अनुचित है। वहीं भाजपा नेता राजेंद्र राठौर ने राहुल गांधी को “राजनीतिक पर्यटक” बताया।

छात्रों ने जताई नाराज़गी

वाराणसी की 19 वर्षीय छात्रा सुहाना खान ने कहा, एक तरफ पेपर लीक होने दिया गया और दूसरी तरफ परीक्षा से कुछ दिन पहले राजनीतिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि किसी को भी छात्रों की वास्तविक चिंता नहीं है। दिल्ली की छात्रा रुतिका, जो 21 जून के री-टेस्ट की तैयारी कर रही हैं, ने कहा, अगर नेताओं को सच में छात्रों की चिंता होती, तो वे पहले ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर देते। कोटा के कोचिंग संस्थानों ने स्पष्ट किया कि छात्रों को किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम में भेजना उनकी ज़िम्मेदारी नहीं है।NEET री-टेस्ट को देखते हुए कई संस्थानों ने अतिरिक्त व्यवस्थाएँ की हैं। छात्रों को हॉस्टल और पेइंग गेस्ट आवास में दैनिक आधार पर कमरे उपलब्ध कराए जा रहे हैं और मुफ्त मॉक टेस्ट भी आयोजित किए जा रहे हैं।कोविड महामारी के बाद छात्रों की संख्या में आई कमी के कारण कोचिंग संस्थान पहले से ही आर्थिक दबाव का सामना कर रहे हैं।

Om Shree

Om Shree KhabarX में एक young और focused contributor हैं, जो youth issues, local developments और public-interest stories को आसान भाषा में सामने लाते हैं। उनकी रिपोर्टिंग का फोकस है — साफ जानकारी, verified updates और ground-level लोगों की आवाज़ को जगह देना।

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