जमुई। जमुई-लखीसराय सड़क पर 19 सितंबर की शाम स्कूटी से जा रहे एक नाबालिग लड़की और युवक को कुछ लड़कों ने रास्ते में रोक लिया। दोनों के साथ बदसलूकी और छेड़खानी की गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया। जमुई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक, घटना में शामिल छह लोगों की पहचान कर ली गई है और बाकी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। घटना के अगले दिन लड़की ने अपने पिता को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना मिली। एक महिला एएसआई लड़की के घर पहुंचीं और उसका बयान दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
सड़क पर रोककर दोनों के साथ की गई बदसलूकी
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में स्कूटी से जा रहे युवक और लड़की को कुछ लड़के रोकते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद दोनों के साथ बदसलूकी की जाती है। वीडियो में लड़की वहां से निकलने की कोशिश करती दिखाई देती है, जबकि कुछ युवक उसके पीछे जाते नजर आते हैं। घटना जमुई-लखीसराय सड़क मार्ग की बताई जा रही है। पुलिस अब वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान और घटना में उनकी भूमिका की जांच कर रही है। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस के मुताबिक, तीनों पकड़े गए आरोपी नाबालिग हैं।
पॉक्सो एक्ट में केस, एसआईटी ने संभाली जांच
जमुई पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। जांच के लिए जमुई एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी बनाई गई है। पुलिस के मुताबिक, घटना में शामिल कुल छह लोगों की पहचान हुई है। तीन को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि बाकी लोगों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। सीआईडी की कमजोर वर्ग से जुड़ी टीम के भी जांच में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर सुहिता अनुपम ने मामले में कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि तीन नाबालिगों को पकड़ा गया है। दो अन्य की भूमिका भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को हटाने की कार्रवाई की जा रही है और मामले में स्पीडी ट्रायल के तहत कार्रवाई की जाएगी। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और जांच के लिए अलग टीम लगाई। अब जांच में यह देखा जा रहा है कि घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था और किसकी क्या भूमिका रही। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर फैलने के बाद मामला तेजी से लोगों तक पहुंचा। वीडियो रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने भी वायरल वीडियो को जांच का हिस्सा बनाया है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से वीडियो हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। नाबालिग लड़की की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे मामलों में पीड़ित की पहचान बताने वाली जानकारी या वीडियो को आगे शेयर करना उचित नहीं है। राज्य महिला आयोग ने भी घटना का संज्ञान लिया है। आयोग की ओर से पीड़ित पक्ष से मिलने के लिए जमुई जाने की बात कही गई है।
मंत्री ने कहा- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने जमुई के एसपी से बात कर मामले की जानकारी ली है और पुलिस कार्रवाई कर रही है। मंत्री के मुताबिक, घटना 19 सितंबर की शाम की है और उसके बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने पुलिस से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी को लेकर भी बात की है। जिन लोगों की पहचान हो चुकी है, उनकी गिरफ्तारी के साथ बाकी लोगों की भूमिका की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। आरजेडी ने घटना के जरिए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वहीं बीजेपी और जेडीयू की ओर से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही गई है। अब पुलिस की कार्रवाई बाकी आरोपियों तक पहुंचने पर टिकी है। तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया जा चुका है और पुलिस के अनुसार छह लोगों की पहचान हुई है। जांच में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि घटना में शामिल हर व्यक्ति की भूमिका क्या थी। अदालत में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर होगी।

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