बिहार के जमुई मामले में गिरफ्तार नंदन यादव की सोशल मीडिया प्रोफाइल सामने आने के बाद उसके पुराने वीडियो भी चर्चा में हैं। प्रोफाइल देखने पर एक ऐसी छवि नजर आती है जिसमें वह दोस्तों के साथ वीडियो बनाता था, भोजपुरी गानों पर रील डालता था और कई पोस्ट में खुद को गुस्सैल और दबंग दिखाने की कोशिश करता था। उसकी कई रील में भोजपुरी गाने चल रहे हैं। कुछ गानों के बोल महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक हैं। एक वीडियो में नंदन अपने दोस्तों के साथ बीयर की बोतलें लिए दिखाई देता है। एक दूसरी रील में वह ऑर्केस्ट्रा में काम करने वाली महिलाओं के साथ डांस करता नजर आता है। उसी वीडियो में वह महिलाओं को पैसे देते हुए भी दिखाई देता है।
एक और वीडियो में वॉयसओवर चलता है—“मैं घर का छोटा बेटा हूं। पैसा भले नहीं है, लेकिन गुस्सा बहुत आता है।” वीडियो में इस लाइन को जिस अंदाज में इस्तेमाल किया गया है, उससे खुद को दबंग दिखाने की कोशिश साफ नजर आती है।एक पोस्ट में नंदन ट्रेन में सफर कर रही दो लड़कियों का वीडियो भी बनाता दिखाई देता है। यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो उनकी जानकारी या अनुमति से बनाया गया था। इसलिए इस पोस्ट के बारे में इससे आगे कोई निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं होगा।
अलग-अलग समय पर डाली गई इन रील को देखने पर फिलहाल इतना जरूर दिखता है कि सोशल मीडिया पर नंदन एक खास तरह की छवि बनाकर रखना चाहता था। दोस्तों के साथ वीडियो, भोजपुरी गाने, शराब की बोतलें और गुस्से वाली लाइनें उसके कंटेंट का हिस्सा थीं। लेकिन जमुई की घटना के बाद यही पुराने वीडियो नए संदर्भ में देखे जा रहे हैं। वायरल वीडियो में एक नाबालिग लड़की और उसके साथ मौजूद युवक को कुछ लड़के सड़क पर रोकते दिखाई देते हैं। आरोप है कि उनके साथ बदसलूकी और छेड़खानी की गई। वीडियो में लड़की को युवक से अलग करने की कोशिश भी दिखाई देती है।
इस मामले में नंदन यादव समेत पांच लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। वीडियो में नंदन के चेहरे पर नारंगी रंग का मास्क दिखाई देता है। पुलिस के मुताबिक, हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान उसके पैर में गोली लगी। अब उसका एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें वह लंगड़ाकर चलता दिखाई दे रहा है। कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर जिस व्यक्ति की रील में दबंग अंदाज और गुस्से वाली बातें दिखाई देती थीं, इस वीडियो में उसकी तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आती है।
हालांकि, सोशल मीडिया की पुरानी रील अपने आप में किसी अपराध का सबूत नहीं हैं। जमुई मामले में नंदन यादव और दूसरे आरोपियों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया से ही होगी। पुराने वीडियो को घटना के संदर्भ में देखा जा सकता है, लेकिन उन्हें आधार बनाकर किसी व्यक्ति के अपराध को अंतिम रूप से तय नहीं किया जा सकता।


Leave a Comment